शशी कुमार केसवानी
रिवायत” (एक परंपरा) भोपाली फूड फेस्टीवल जहानुमा पैलेस में शुरू हो गया जो 20 अगस्त तक चलेगा। “रिवायत” भोपाल के खाने की होटल जहांनुमा पैलेस हमेशा ही असली स्वाद की पहचान रहा है जो भी फूड फेस्टीवल करता है बहुत ही शानदार होते है जिसकी मिसाल है रिवायत जो भोपाली खाने विलुप्त हो गये है उन्हें आज की युवा पीढ़ी को परिचित करा रहे है सच मंै भोपालीयत की एक पहचान तो खाने से भी बनती है खास तौर पर रजाला से जो भोपाल की सिग्नेचर डिश है। असल में तो भोपाल की पहचान बेगमों की रेसीपी से ही है। लेकिन अफसोस इस बात का है कि भोपाल के खाने को जिस अंतराष्टÑीय स्तर पर पहचान मिलनी थी वो नहीं मिल पाई है। लेकिन जहानुमां पैलेस एक लंबे समय से लुत्फ हो रहे खानों के ऊपर जिस तरह से रिवायत का आयोजन करता है वो बात काबिले तारीफ है।
भोपाल के लिए तो वैसे बहुत चीजे पहचानी जाती है तालाब से लेकर बतौलेबाजी तक। लेकिन इसकी एक बड़ी पहचान यहां के खानपान के तरीके से भी है। दुनियाभर से जो लोग भोपाल आते है वो होटल में अक्सर पूछते है कि भोपाल की सिग्नेचर डिश कौन सी है। कई होटलवालों को न तो उसकी जानकारी रहती है और न ही उन्हें उनकी रेसीपी पता है न ही इतिहास। इसलिए आपको एक बार जहानुमां में जाकर इन खानों की जानकारी के साथ-साथ स्वाद भी लेना चाहिए।
जिसमें खास है Palak chilkozie ki Tikki, Paneer Makhmali, Khumb Galouti, Deshi fish fry, Kothi kadhai murgh , Macchli ka salan, Acchari Gosth, Anjeer ki Phirni, chana dal halwa सहित कई अन्य व्यंजन और बहुत ही स्वादिष्ट चटनियां जिनका स्वाद शायद आपने पहले कभी न चखा हो साथ ही फिश भी कई तरह से परोसी गई थी। मैंने तो सभी चीजों का स्वाद लिया।
अब आपकी बारी है। आप स्वाद ले और भोपाल के खाने को उस ऊंचाई तक लेकर जाए जिससे भोपाल की पहचान में एक सितारा और जुड़ जाए।