ट्रम्प का भारत से ट्रेड डील पर बातचीत से इनकार:बोले- पहले टैरिफ मसला सुलझे, तब होगी बात; भारत पर कुल 50% टैरिफ

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TIO वॉशिंगटन डीसी

ट्रम्प का यह बयान गुरुवार देर रात व्हाइट हाउस में मीडिया से बात करते हुए दिया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत से ट्रेड डील पर बातचीत करने से इनकार कर दिया है। ट्रम्प ने कहा कि जब तक टैरिफ विवाद का हल नहीं निकल जाता, बातचीत शुरू नहीं होगी।
इससे पहले मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया था कि भारत से ट्रेड डील पर बातचीत के लिए अमेरिकी अधिकारियों का एक दल इसी महीने भारत आने वाला है।
ट्रम्प भारत पर अबतक 50% टैरिफ लगाने का ऐलान कर चुके हैं। उन्होंने 30 जुलाई को 25% टैरिफ लगाया था, जो 7 अगस्त से लागू हो गया है।
वहीं, 6 अगस्त को एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन कर भारत पर 25% टैरिफ और बढ़ा दिया है, जो 27 अगस्त से लागू होगा।
ट्रम्प के आदेश में कहा गया है कि रूसी तेल की खरीद की वजह से भारत पर यह एक्शन लिया गया है। रूस इस पैसे का इस्तेमाल यूक्रेन के खिलाफ जंग में कर रहा है।
विदेश विभाग बोला- भारत रणनीतिक साझेदार, बातचीत जारी रहेगी
इधर, अमेरिकी विदेश विभाग ने 7 अगस्त की रात जारी बयान में भारत को एक रणनीतिक साझेदार बताया। मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ स्पष्ट और खुली बातचीत कर रहा है, भले ही टैरिफ विवाद के चलते दोनों देशों के संबंधों में तनाव बना हुआ है।
टॉमी के मुताबिक ट्रम्प ने व्यापार असंतुलन और रूसी तेल की खरीद को लेकर अपनी चिंताएं बहुत स्पष्ट तरीके से जाहिर की हैं। साथ ही सीधी कार्रवाई (भारत पर टैरिफ) भी की है।
टॉमी ने मतभेदों को सीधे संवाद के जरिए सुलझाने की बात भी कही है।
भारत-अमेरिका में 5 राउंड बातचीत पूरी
भारत-अमेरिका के बीच बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) पर अब तक 5 राउंड बातचीत हुई है। छठे राउंड की चर्चा के लिए 25 अगस्त को अमेरिकी अधिकारियों को भारत आना था। अब ट्रम्प के बयान के बाद इस बातचीत को लेकर स्थिति साफ नहीं है।
दोनों देश सितंबर-अक्टूबर तक ट्रेड एग्रिमेंट्स के पहले चरण को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट की संभावना भी तलाशी जा रही है।
ट्रेड डील को लेकर वार्ता का पिछला राउंड वाशिंगटन में हुआ था।
ट्रम्प के सलाहकार ने कल भारत को टैरिफ महाराजा कहा
ट्रम्प के सलाहकार पीटर नवारो ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए भारत को ‘टैरिफ का महाराजा’ कहा।
नवारो ने कहा कि भारत अमेरिकी सामानों पर दुनिया में सबसे ज्यादा टैरिफ और नॉन-टैरिफ बाधाएं लगाता है। इससे अमेरिकी प्रोडक्ट्स को भारतीय मार्केट में एंट्री करने में मुश्किल होती है।
नवारो ने कहा कि भारत अमेरिकी डॉलर का इस्तेमाल रूसी तेल खरीदने के लिए करता है। फिर रूस उन डॉलर का इस्तेमाल हथियार बनाने में करता है, जिनसे यूक्रेन में लोग मारे जा रहे हैं।
इसके बाद अमेरिकी टैक्सपेयर्स को यूक्रेन की रक्षा के लिए हथियारों पर खर्च करना पड़ता है। यह गणित ठीक नहीं है।
चीन पर समान कार्रवाई न करने के सवाल पर नवारो ने कहा कि चीन पर पहले से ही 50% से ज्यादा टैरिफ हैं। हम ऐसा कोई कदम नहीं उठाना चाहते जिससे हमें नुकसान हो।