वंदे मातरम का गायन बंद होने से गरमाई सूबे की सियासत, भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप

0
263

भोपाल। मध्यप्रदेश के मंत्रालय में महीने की पहली तारीख को वंदे मातरम का गायन बंद होते ही सूबे की सियासत गरमा गई है। भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई लगभग 14 साल पुरानी परंपरा खत्म होने पर भाजपा ने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शायद भूल रही है कि सरकार आती-जाती है, देश से ऊपर कुछ नहीं है। दिनभर सियासी बवाल के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि राष्ट्रभक्ति को लेकर हमें किसी के प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है।
Vande Mataram’s singing off the politics of Harman Suba, BJP accused Congress of appeasement politics
वंदे मातरम गायन की अनिवार्यता को अभी बंद किया गया है, लेकिन इसे नए रूप में लागू किया जाएगा। जबकि उनके ही मंत्री जीतू पटवारी और पीसी शर्मा ने कहा कि वंदे मातरम गायन बंद नहीं करना चाहिए। दोनों कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि भूलवश ये आयोजन नहीं हो पाया और सरकार की इस परंपरा को बंद करने की कोई मंशा नहीं है।

बाबूलाल गौर ने शुरू किया था
वंदे मातरम का गायन हर महीने की पहली तारीख पर होता था। ये परंपरा पिछले 13-14 सालों से निभाई जा रही थी। हर महीने की पहली तारीख को मंत्रालय के सामने स्थित पार्क में अधिकारी-कर्मचारी वंदे मातरम गायन में शामिल होते थे और उसके बाद काम शुरू होता था।
लेकिन नए साल की पहली तारीख को ये आयोजन नहीं हुआ। तत्कालीन मुख्यमंत्री बाबूलाल गौर ने इस परंपरा को शुरू किया था। तब से हर महीने की पहली तारीख को मंत्रालय के पार्क में सभी अधिकारी-कर्मचारी वंदे मातरम का गायन कर काम शुरू करते थे। लेकिन कांग्रेस सरकार बनते ही ये परंपरा टूट गई।

भाजपा के प्रवक्ता रजनीश अग्रवाल ने कहा कि आज वंदे मातरम का गायन बंद किया गया है, आने वाले समय में मध्य प्रदेश में भारत माता की जय बोलने पर भी प्रतिबंध लगा दिया जाएगा। यही कांग्रेस की संस्कृति है। कांग्रेस देश के टुकड़े करने वालों का समर्थन करती है और जो देश की बात करता है उन्हें अपमानित करती है।