पांच राज्यों में कांटे की टक्कर, निर्दलीय और छोटी पार्टियां बनेंगी किंगमेकर, समर्थन जुटाने में जुटी दोनों पार्टियां

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नई दिल्ली। पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल्स में कुछ राज्यों में कांटे की टक्कर और कुछ में त्रिशंकु विधानसभा की बात कही जा रही है। एग्जिट पोल के बाद से ही बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही पार्टियों के वरिष्ठ नेता छोटी पार्टियों और निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन की तैयारी में जुट गए हैं। बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंच पाने की हालत में नंबर जुटाने के लिए अभी से रणनीति बना रही हैं।
Five states will face a fork, independents and small parties, the Kingmaker, the two parties to support the support
कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए हुए नाटकीय घटनाक्रम को अभी ज्यादा दिन नहीं हुए हैं और दोनों ही पार्टियां अपनी तरफ से इस बार पूरी सतर्कता बरतना चाह रही हैं। चुनाव नतीजों के बाद बीजेपी को बहुमत नहीं मिल सका और 7 सीटें कम रह गईं। 7 सीटें नहीं जुटा पाने के कारण कांग्रेस और जेडीएस को गठबंधन का मौका मिला और कर्नाटक में गठबंधन सरकार बन गई। हालांकि, कर्नाटक में सरकार बनाने के लिए कांग्रेस को कम सीटों वाली क्षेत्रीय पार्टी जेडीएस को मुख्यमंत्री का पद देना पड़ा।

मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ में ऐसे बन सकते हैं हालात
एग्जिट पोल्स में 4 राज्यों में जिस तरह की स्थिति बताई जा रही है, ऐसा लग रहा है कि फिर एक बार सरकार बनाने के लिए भरसक जोड़-तोड़ होगी। अगर मध्य प्रदेश में बहुमत के जरूरी आंकड़े तक बीजेपी और कांग्रेस में से कोई नहीं पहुंच सकी तो वहां निर्दलीय, बीएसपी और गोंडवाना गोमांतक पार्टी की भूमिका अहम हो जाएगी। इसी तरह छत्तीसगढ़ में अजीत जोगी की पार्टी और निर्दलीय उम्मीदवार किंग मेकर बन सकते हैं।

तेलंगाना में ओवैसी या बीजेपी को मिलेगा बड़ा मौका
तेलंगाना में भी अगर त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति बनती है तब खेल और भी दिलचस्प हो जाएगा। असदुद्दीन ओवैसी की एआईएमआईएम या फिर बीजेपी अपनी बड़ी भूमिका सरकार बनाने में निभा सकती है। हालांकि, रविवार को ही गठबंधन सरकार बनने के हालात देखते हुए बीजेपी ने तेलंगाना के हित में समर्थन की बात कही थी।

मिजोरम में हेमंत बिस्व शर्मा बनेंगे किंग मेकर?
मिजोरम को लेकर एग्जिट पोल ऐसे संकेत दे रहै हैं कि वहां कांग्रेस और एमएनएफ दोनों में से ही किसी को भी बहुमत नहीं मिल सकेगा। ऐसे हालात में में कभी कांग्रेस के वफादार रहे और अब बीजेपी में शामिल हेमंत बिस्व शर्मा बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उत्तर पूर्व में शर्मा को बीजेपी का बड़ा रणनीतिकार माना जाता है।