संसद में गर्माएगा महिला आरक्षण का मुद्दा, सरकार को घेरने की तैयारी में विपक्ष

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नई दिल्ली। संसद के शीतकालीन सत्र में महिला आरक्षण का मुद्दा कांग्रेस और विपक्ष जोर-शोर से उठा सकते हैं, इसके संकेत भी मिल रहे हैं। 6 दिन पहले ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक ने प्रधानमंत्री को महिला आरक्षण के संबंध में पत्र लिखा था और इस बिल को संसद के इस सत्र में उठाने का आग्रह किया था।
The issue of women reservation in the Parliament, the opposition in the preparation of the government
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखकर बिल के समर्थन में राज्यों में भी प्रस्ताव पास करने की अपील की है। 6 दिसंबर को राहुल ने यह पत्र लिखा। बता दें कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 फीसदी महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए है।

आॅल इंडिया महिला कांग्रेस अध्यक्ष सुष्मिता देव ने कहा कि कांग्रेस इस बिल के समर्थन में है और हम इसके लिए राज्य सरकारों को सहयोग देने के लिए तैयार हैं। देव ने कहा, ‘महिला रिजर्वेशन बिल हमारे चुनाव घोषणा पत्र का अहम हिस्सा था और बीजेपी के भी घोषणा पत्र में यह शामिल था। टीडीपी, बीजेडी, डीएमके और कई अन्य क्षेत्रीय पार्टियां भी महिला रिजर्वेशन बिल का समर्थन कर रही हैं।’

देव ने बीजेपी और पीएम मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम समझ नहीं पा रहे हैं कि इस बिल को पास करने से प्रधानमंत्री मोदी और बीजेपी को कौन रोक रहा है। सुष्मिता देव ने कहा, ‘यह मौजूदा लोकसभा का आखिरी सत्र ही है और इस बिल को इस सत्र में पास हो जाना चाहिए।’ बिल के संबंध में सुष्मिता ने भी 23 नवंबर को एक पत्र लिखा था।

कांग्रेस सूत्रों ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया कि पार्टी महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। 2019 चुनावों में हमारे चुनाव प्रचार में यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा रहेगा और संसद सत्र में भी इस मुद्दे पर हम सरकार को घेरेंगे। बता दें कि 5 राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव में इस बार बड़ी संख्या में महिला वोटरों ने मतदान किया है।