नई दिल्ली। नैशनल सैंपल सर्वे आॅफिस के कथित आंकड़ों पर आधारित मीडिया रिपोर्ट के सामने आने के बाद कांग्रेस और बीजेपी में सियासी घमासान मच गया है। दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 2017-18 में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही, जो पिछले 45 वर्षों में सबसे ज्यादा है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इसी रिपोर्ट को शेयर करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोला। वहीं, नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने लीक्ड रिपोर्ट पर कहा है कि सरकार ने डेटा (जॉब्स पर) रिलीज ही नहीं किया है और यह अभी प्रक्रिया में है। जब डेटा तैयार हो जाएगा तो हम इसे जारी करेंगे।
BJP-Congress gambling on the figures of the jobs, the policy commission said- Data is not final yet
नीति आयोग ने क्या कहा?
गुरुवार को बेरोजगारी के आंकड़े पर आधारित मीडिया रिपोर्ट पर मचे विवाद के बीच नीति आयोग के वाइस चेयरमैन राजीव कुमार ने कहा, ‘डेटा कलेक्शन का तरीका अब अलग है। दो डेटा सेटों में तुलना करना सही नहीं है। यह डेटा प्रमाणित नहीं है। इस रिपोर्ट को फाइनल के तौर पर मानना सही नहीं है।’
राहुल गांधी ने कहा, राष्ट्रीय त्रासदी
इससे पहले राहुल गांधी ने दावा किया कि हर साल दो करोड़ नौकरियां देने का वादा करने वाले प्रधानमंत्री का रिपोर्ट कार्ड ‘राष्ट्रीय त्रासदी’ के रूप में सामने आया है। राहुल ने ट्वीट कर कहा, नौकरी नहीं है। फ्यूरर (हिटलर) ने हर साल दो करोड़ नौकरियों का वादा किया था। 5 साल बाद रोजगार सृजन पर लीक हुई रिपोर्ट से राष्ट्रीय त्रासदी सामने आई है। उन्होंने दावा किया, बेरोजगारी की दर 45 वर्षों के सबसे उच्चतम स्तर पर है। अकेले 2017-18 में 6.5 करोड़ युवा बेरोजगार थे।’
राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के सदस्यों का इस्तीफा
राहुल ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी के जाने का समय आ गया है। कांग्रेस अध्यक्ष ने इससे संबंधित खबर भी शेयर की है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के मुताबिक 2017-18 में बेरोजगारी की दर 6.1 फीसदी रही। कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने जॉब्स पर एनएसएसओ रिपोर्ट को रोकने का सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यही वजह है कि राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग के मेंबर्स ने इस्तीफा दे दिया।

