लगातार बारिश से टूटे कई तटबंध, अब तक 23 की मौत, बिगड़ रहे हालात

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पटना 

मध्य भारत व अन्य राज्यों में भले ही बारिश ने मुंह मोड़ रखा हो लेकिन यूपी, बिहार व असम में लगातार बारिश से आई बाढ़ विकरात हो गई है। इस बाढ़ की वजह से अकेले बिहार में ही अब तक 23 से ज्यादा लोगों की मौत की सूचना है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण बिहार में उफनाई नदियों का पानी उत्तर बिहार, कोसी और सीमांचल के जिलों के गांव और शहर में घुसकर कहर ढा रहा है।

मधुबनी में सात और दरभंगा में चार जगहों पर तटबंध टूट गए। इससे दर्जनों गांवों में पानी घुस गया है। विभिन्न जगहों पर 23 लोग डूब गए। एक सप्ताह से लगातार हो रही बारिश रविवार को थोड़ी थमी, लेकिन कोसी-सीमांचल के लोगों की मुसीबत शुरू हो गई है। सुपौल से कोसी ने विकराल रूप धारण कर लिया है।

शनिवार रात को कोसी बराज के सभी 56 फाटक खोले जाने के कारण सुपौल-सहरसा के लगभग 12 दर्जन गांव जलमग्न हो गए थे। अब सुपौल-सहरसा में तो कोसी घट रही है, लेकिन बराज से निकला पानी कटिहार में कोसी के जलस्तर को बढ़ा रहा है। जिन गांवों में पानी घुस गया है, वहां के लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में बाहर निकल रहे हैं।

दो हजार घरों तक पहुंचा बाढ़ का पानी

मुजफ्फरपुर जिले में बागमती नदी का जलस्तर स्थिर रहने के बावजूद कटरा व औराई में बाढ़ की स्थिति नाजुक बनी है। दो हजार घरों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। पूर्वी चंपारण के नए इलाकों में पानी तेजी से प्रवेश कर रहा है। मधुबनी में कमला बलान व धौस नदी का तटबंध टूटने से जिले में त्राहिमाम है। दो दर्जन गांवों में पानी फैल गया है। पांच घंटे बाद डीएम व स्थानीय सांसद अशोक यादव के पहुंचने पर आक्रोशित लोगों ने सांसद को घंटों बंधक बनाए रखा। मधुबनी में रविवार को तीन जगहों पर टूट गया। दरभंगा में चार जगहों पर कमला नदी का तटबंध टूट गया।

सुपौल में कोसी ने विकराल रूप धारण कर लिया है। आधी रात को घरों में पानी घुसने से तटबंध के अंदर के गांवों में अफरा-तफरी मच गई। किसी का घर बह गया तो किसी के मवेशी बह गए। कोसी के आक्रामक रुख के कारण तटबंध के दर्जनों बिंदुओं पर दबाव बना हुआ है। अररिया शहर के लगभग 10 हजार लोग ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।