एअर इंडिया ड्रीमलाइनर के फ्यूल स्विच में खराबी:पायलट बोला- लंदन से बेंगलुरु आने में 2 बार कटऑफ हुआ; दावा-अहमदाबाद प्लेन क्रैश में भी यही हुआ

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TIO नई दिल्ली

यह प्लेन का फ्यूल कंट्रोल स्विच है। रन पोजिशन को मतलब फ्यूल इंजन तक आना शुरू, कटऑफ का मतलब फ्यूल आना बंद। File - Dainik Bhaskar
यह प्लेन का फ्यूल कंट्रोल स्विच है। रन पोजिशन को मतलब फ्यूल इंजन तक आना शुरू, कटऑफ का मतलब फ्यूल आना बंद।

एअर इंडिया के बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर प्लेन में फ्यूल कंट्रोल स्विच में खराबी आई है। प्लेन लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे से उड़ान भरकर सोमवार सुबह बेंगलुरु पहुंचा था। प्लेन में 200 से ज्यादा-क्रू थे।

सूत्रों के मुताबिक, फ्लाइट AI-132 के बेंगलुरु में लैंडिंग के बाद पायलट ने विमान की डिफेक्ट लॉग बुक में बताया- बाएं इंजन का फ्यूल कंट्रोल स्विच ‘रन’ से ‘कट ऑफ’ की ओर फिसल रहा था। लॉक नहीं हो पा रहा था।

एअर इंडिया ने कहा है कि पायलट की रिपोर्ट मिलने के तुरंत बाद विमान को फ्लाइट ऑपरेशन से हटा दिया गया है। मामले की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी दी गई है।

एयरलाइन के मुताबिक जांच के लिए में ओरिजनल इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरर (OEM यानी बोइंग कंपनी) को शामिल किया गया है।

रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद में हुए प्लेन क्रैश भी फ्यूल कंट्रोल स्विच इंजन स्टार्ट करने में दिक्कत की वजह से हुआ था।

फ्यूल कंट्रोल स्विच का काम और तकनीक

फ्यूल कंट्रोल स्विच विमान के कॉकपिट में थ्रस्ट लीवर के पास होते हैं। ये इंजन में फ्यूल की सप्लाई को कंट्रोल करते हैं। इसका मुख्य काम इंजन में फ्यूल की सप्लाई को शुरू करना (रन पोजिशन) या बंद करना (कटऑफ पोजिशन) है।

हर इंजन के लिए अलग-अलग फ्यूल कंट्रोल स्विच होता है। उदाहरण के लिए, बोइंग 787 में दो इंजन हैं, तो दो स्विच होंगे- एक बाएं इंजन के लिए, एक दाएं के लिए।

रन पोजिशन: जब स्विच ‘रन’ पर होता है, तो फ्यूल वाल्व खुलता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई शुरू हो जाती है। इससे इंजन चालू रहता है और विमान को थ्रस्ट मिलता है।

कटऑफ पोजिशन: जब स्विच को ‘कटऑफ’ पर किया जाता है तो फ्यूल वाल्व बंद हो जाता है और इंजन में फ्यूल की सप्लाई रुक जाती है। इससे इंजन तुरंत बंद हो जाता है।

फ्यूल कंट्रोल स्विच स्प्रिंग-लोडेड होते हैं और इनमें डिटेंट (एक तरह का लॉक) होता है, जो इन्हें अपनी पोजिशन में स्थिर रखता है।

स्विच को हिलाने के लिए तीन स्टेप्स चाहिए- पकड़ना, डिटेंट से बाहर निकालना और रिलीज करना। ये कोई नॉर्मल स्विच नहीं है, जो गलती से धक्का लगने से दब जाए जाए।

12 जून 2025, एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट AI 171 क्रैश हुई थी।
12 जून 2025, एअर इंडिया की अहमदाबाद-लंदन फ्लाइट AI 171 क्रैश हुई थी।

FIP ने कहा- AI 171 क्रैश के बाद से सेफ्टी की चिंता

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष सी.एस. रंधावा ने कहा कि AI-171 हादसे के बाद से ही बोइंग 787 विमानों के इलेक्ट्रिकल सिस्टम को लेकर गंभीर सुरक्षा चिंताएं जताई जा रही हैं।

हमने सभी बोइंग 787 विमानों को ग्राउंड करके उनके इलेक्ट्रिकल सिस्टम की डिटेल्ड जांच कराने का कहा है। सामने आ रहीं घटनाएं इशारा करती हैं कि प्लेन में इलेक्ट्रिकल खराबियों की अनदेखी की गई है।

उन्होंने कहा कि AI-161 में आशंका जताई गई कि TCMA में इलेक्ट्रिकल खराबी के कारण फ्यूल कंट्रोल स्विच अपने आप मूव हो गए। हमने DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA) को ई-मेल और लेटर लिखे।

रंधावा ने 787 से जुड़ी घटनाएं बताईं

  • 12 जून 2025: विएना से दिल्ली आ रहे एअर इंडिया प्लेन 787-800 को इलेक्ट्रिकल बे में पानी भरने के कारण विएना में ही AOG घोषित किया गया। यात्रियों को तुरंत उतारा गया।
  • 17 फरवरी 2019: जापान मेऑल निप्पोन एयरवेज की बोईंग 787-8 फ्लाइट में लैंडिंग के दौरान दोनों इंजन रोल-बैक होकर बंद हो गए। विमान रनवे पर सुरक्षित रुका, लेकिन उड़ान नहीं भर सका।

दावा- अहमदाबाद प्लेन क्रैश में फ्यूल कंट्रोल स्विच कटऑफ हुआ था

12 जून 2025 को एअर इंडिया की अहमदाबाद से लंदन जा रही फ्लाइट AI 171 क्रैश हो गई थी। हादसे में प्लेन में सवार 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर समेत 241 लोगों की मौत हो गई थी। वहीं, जहां विमान गिरा था, वहां मौजूद 29 लोग मारे गए थे।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने अपनी प्राइमरी रिपोर्ट में दावा किया था कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश से पहले फ्यूल कंट्रोल स्विच बंद कर दिए गए थे।

इसके बाद एविएशन सिक्योरिटी रेग्युलेटर (DGCA) ने 12 जुलाई 2025 को एयरलाइनों को अपने विमानों में फ्यूल स्विच सिस्टम की जांच करने का निर्देश दिया था। 21 जुलाई को रिपोर्ट मांगी थी।

एअर इंडिया ने अपने बोइंग 787 और 737 प्लेन के फ्यूल कंट्रोल स्विच (FCS) के लॉकिंग सिस्टम की जांच की थी। बताया था कि इसमें कोई समस्या नहीं थी।

बोइंग 787, एअर इंडिया के बेड़े का हिस्सा है। B 737 का संचालन इसकी कम लागत वाली सहायक कंपनी एयर इंडिया एक्सप्रेस करती है। इनके अलावा इंडिगो, स्पाइसजेट और अकासा के पास भी बोइंग हैं।