तिब्बत में फिर झील फटी, नेपाल में गांव खाली कराए:सेना ने लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने को कहा; अब तक 478 मौतें, 1500 लापता

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TIO काठमांडू

नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बनी एक और झील फट गई है। यह झील चोचेन नदी और पुरेपु सांगपो नदी के संगम के पास बनी थी। चीन ने इसके फटने की आशंका एक दिन पहले ही जताई थी।

झील फटने के बाद पानी का स्तर बढ़ने लगा है। खतरे की वजह से के रसुवा जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन 90 मिनट के लिए रोक दिया गया है। भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदी के पास के कई गांव खाली कराए जा रहे हैं। लोगों और सुरक्षाकर्मियों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है।

इस बीच चीन ने भी तिब्बत में राहत और बचाव अभियान रोक दिया है और लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। दोबारा बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 478 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।

ग्लेशियल झील का बांध टूटने के बाद नुवाकोट जिल में लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं।
ग्लेशियल झील का बांध टूटने के बाद नुवाकोट जिल में लोग सुरक्षित जगहों की ओर जा रहे हैं।
दोभान ग्यिरोंग से करीब 6 किमी दूर है। 26 अगस्त को ग्यिरोंग में झील फटी थी।

तबाही के आंकड़े

नेपाल में

475 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 977 लोग अब भी लापता हैं।

लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 45 नेपाली सेना के जवान और 41 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।

तिब्बत में

3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 558 लोग अब भी लापता हैं।

लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

नेपाल में बाढ़ से जुड़ीं 5 तस्वीरें

नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद मलबे और कीचड़ की नदी में तब्दील हुई खूबसूरत हरी-भरी घाटी।
नेपाल में ग्लेशियर फटने के बाद मलबे और कीचड़ की नदी में तब्दील हुई खूबसूरत हरी-भरी घाटी।