एडिलेट टेस्ट: दूसरे दिन भारत मजबूत स्थिति में, आस्ट्रेलिया के गिरे 7 विकेट

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ऐडिलेड। ऐडिलेड टेस्ट के दूसरे दिन भारत ने अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। आॅस्ट्रेलियाई टीम के 7 विकेट 191 रनों पर गिर गए हैं। वह भारत से अभी 123 रन पीछे है और उसके पास सिर्फ चार विकेट बाकी हैं। दूसरे दिन भारत की ओर से रविचंद्रन अश्विन ने तीन, ईशांत शर्मा ने दो और जसप्रीत बुमराह ने एक विकेट लिया है। दूसरे दिन की पहली ही गेंद पर भारतीय पारी सिमट गई। बोर्ड पर 250 रन थे जो जानकारों की नजर में करीब 50 रन कम थे। लेकिन इशांत शर्मा ने पहले ही ओवर में आरोन पिंच के स्टंप उखाड़ दिए। भारत के लिए यह शुरूआत अच्छी थी। लेकिन इसके बाद मार्कस हैरिस और उस्मान ख्वाजा ने पारी को संभालने का काम किया।
Adele Test: India, in the strong position, Australia’s fall 7 wickets
मार्कस हैरिस और उस्मान ख्वाजा जम चुके थे। ख्वाजा अपने अंदाज में खेल रहे थे और अपना पहला टेस्ट मैच खेल रहे हैरिस भी आकर्षक लग रहे थे। लग रहा था कि पहले ओवर में मिले झटके से आॅस्ट्रेलिया उबर चुका है। दोनों धीरे-धीरे अर्धशतकीय साझेदारी की ओर बढ़ रहे थे। भारतीय गेंदबाजों को खेलने में बाएं हाथ की इस जोड़ी को कोई परेशानी नहीं हो रही थी।

तभी अश्विन की एक गेंद हैरिस के बल्ले से लगकर पैड से टकराई और सिली पॉइंट पर खड़े मुरली विजय ने उनका आसान सा कैच लपका। वह 26 रन बनाकर आउट हुए। हालांकि गेंद में कोई खास नहीं था लेकिन हैरिस लाइन-लेंथ को ठीक तरह परख नहीं पाए और गेंद उनके बल्ले के अंदरूनी किनारे से लगी।

इसके बाद अश्विन का अगला शिकार बने शॉन मार्श। स्मिथ और वॉर्नर की गैरमौजूदगी में मार्श टीम के सबसे अनुभवी बल्लेबाज हैं। लेकिन जिस तरह का शॉट खेलकर वह आउट हुए उसे गैर-जिम्मेदाराना ही कहा जाएगा। लंच के बाद अश्विन ने आॅफ स्टंप के बाहर गेंद फेंकी। गेंद फुल थी और विकेटों से बहुत दूर। मार्श ने बड़ा ड्राइव खेलने का प्रयास किया। नतीजा वह विकेटों तक घसीट लाए।

इसके बाद अश्विन का शिकार बने उस्मान ख्वाजा। ख्वाजा ने 125 गेंदों का सामना किया और 28 रन बनाए। यह अश्विन का सबसे बढ़िया विकेट रहा। सही स्थान पर पिच हुई गेंद टप्पा पड़ने के बाद बाहर की ओर निकली। ख्वाजा को इसे खेलना ही था। वह फंस चुके थे। गेंद बल्ले के दूर जाती रही लेकिन विकेटकीपर पंत के दस्तानों में जाने से पहले ख्वाजा के अंगूठे से लग गई। अंपायर कुमार धर्मसेना ने उन्हें नॉट आउट दिया। लेकिन विकेट के पीछे पंत काफी उत्साहित थे। भारतीय टीम ने डीआरएस लिया और तीसरे अंपायर ने ख्वाजा को आउट करार दिया। अश्विन ने ख्वाजा को 35 गेंदें फेंकी जिन पर सात रन बने।

आॅस्ट्रेलिया में अश्विन का प्रदर्शन इससे पहले बहुत अच्छा नहीं रहा था। यहां उन्होंने सात टेस्ट मैच खेले थे जिसमें उन्होंने सिर्फ 24 विकेट लिए थे। और तो ओर यहां उनका बोलिंग औसत 48.91 रहा जो उनके करियर (25.29) से काफी ज्यादा है। अश्विन ने अपने करियर के 65 टेस्ट मैचों में 339 विकेट लिए हैं। इससे यही पता लगता है कि आॅस्ट्रेलियाई मैदान अश्विन को रास नहीं आते। लेकिन इस बार अश्विन नए इरादों के साथ उतरे थे। मैच से पहले चेतेश्वर पुजारा ने कहा था कि अश्विन ने आॅस्ट्रेलिया दौरे के लिए अलग तैयारी की है। पुजारा ने कहा था कि अश्विन ने इस देश में अपने प्रदर्शन में सुधार करने के लिए काफी मेहनत की है और उम्मीद है कि वह इसमें सुधार करेंगे।