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मंदसौर जिले में आबकारी मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के खकराई गांव में जहरीली शराब पीने से मौत होने के मामले पर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा से इस्तीफा मांगा है। बुधवार को दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा कि अवैध शराब का धंधा पुलिस और आबकारी विभाग के संरक्षण में चलता है और करोड़ों की रिश्वत प्रति माह वसूली जाती है। क्या आबकारी मंत्री जी को अपने ही निर्वाचन क्षेत्र में धड़ल्ले से चल रहे अवैध शराब के धंधे की जानकारी नहीं थी? क्या यह संभव है? क्या मंत्री जी को इस्तीफा नहीं देना चाहिए?
इससे पहले एक अन्य ट्वीट में दिग्वियज सिंह ने कहा कि मध्य प्रदेश में अवैध शराब का बहुत बड़े पैमाने पर धंधा चला हुआ है। जनवरी 2021 में नूराबाद थाना मुरैना में 26 लोगों की जान गई। अब स्वयं भाजपा सरकार के आबकारी मंत्री के मल्हारगढ़ निर्वाचन क्षेत्र पीपल्या मंडी थाना क्षेत्र जिला मंदसौर में 11 लोगों की मौत का समाचार है।
इस मामले में कांग्रेस लगातार सरकार पर हमलावर है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मामले में सरकार को घरते हुए जहरीली शराब पीने से मौत के आंकड़े बढ़ने और आंकड़ों को छिपाने के आरोप लगाए थे। साथ ही उन्होंने सीएम पर कटाक्ष किया था कि पता नहीं माफियाओं को गाड़ने, टांगने की बात कहने वाले शराब माफियाओं और दोषियों को बचाने में क्यों लगे हैं?
बता दें प्रदेश सरकार ने रविवार को 6 लाेगों की जहरीली शराब से मौत की जांच के लिए गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की है। वहीं, आबकारी निरीक्षक, थाना प्रभारी और बीट प्रभारी को सस्पेंड कर दिया।