केंद्र सरकार ने भ्रष्टाचार-घूस के मामलों में आरोपी CBIC के 15 अफसरों को हटाया

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नई दिल्ली

केंद्र सरकार ने मंगलवार को भ्रष्टाचार और घूस के मामलों में आरोेपी कस्टम और सेंट्रल एक्साइज (सीबीआईसी) के 15 अफसरों को बर्खास्त कर दिया। इनमें एक प्रधान आयुक्त रैंक का अफसर भी शामिल है। वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, इन अफसरों में असिस्टेंट कमिश्नर से लेकर प्रिंसिपल कमिश्नर तक शामिल हैं। सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स, 1972 के फंडामेंटल रूल 56 के तहत इन अफसरों को जबरन सेवानिवृत्त किया गया।

जिन अफसरों पर कार्रवाई हुई, उनमें कुछ पहले से ही निलंबित

  1. सरकार ने इसी महीने भ्रष्टाचार और गलत व्यवहार के आरोपों के चलते इनकम टैक्स के 12 अफसरों को बर्खास्त किया था। इनमें एक ज्वाइंट कमिश्नर रैंक का अफसर भी शामिल है।
  2. मंत्रालय के सूत्रों के मुताबिक, जिन 15 अफसरों को हटाया गया है उन में से कुछ पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए हैं, या ये अफसर घूस, बेहिसाब संपत्ति के मामले में आरोपी हैं। इनमें से कुछ पहले से ही निलंबित चल रहे हैं।
  3. सरकार के आदेश के मुताबिक, जिन अफसरों पर कार्रवाई हुई है, उनमें प्रधान आयुक्त अनूप श्रीवास्तव भी शामिल हैं। श्रीवास्तव सीबीआईसी दिल्ली में प्रिंसिपल एडीजी (ऑडिट) के पद पर थे। इसके अलावा ज्वाइंट कमिश्नर नलिन कुमार को भी हटा दिया है।
  4. श्रीवास्तव पर सीबीआई ने 1996 में आपराधिक षड्यंत्र रचने का मामला दर्ज किया था। उन पर एक बिल्डिंग सोसायटी जो अवैध तरीके से एनओसी लेने की कोशिश कर रही थी, मदद करने का आरोप है। सीबीआई ने 2012 में घूस मांगने और लेने के आरोप में भी केस दर्ज किया था।
  5. दो आयुक्त रैंक के अफसर अतुल दीक्षित, विनय ब्रिज सिंह, कोलकाता में कमिश्नर संस्कार चंद्र, एडीजी डीजीपीएम चेन्नई के आयुक्त जी. श्री हर्षा, मुंबई जीएसटी जोन के सहायक आयुक्त विनोद कुमार संघा, भुवनेश्वर जीएसटी जोन के सहायक आयुक्त एस.एस. बिष्ट, दिल्ली जीएसटी जोन के उपायुक्त अमरेश जैन को भी भ्रष्टाचार और घूस के मामलों के चलते अनिवार्य सेवानिवृत्त किया गया।