भोपाल। कमलनाथ मंत्रिमंडल के 28 कैबिनेट मंत्रियों ने मंगलवार को पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राजभवन में हुए गरिमामय समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंत्रियों को शपथ दिलाई। कमलनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के गठन में क्षेत्रीय, जातीय और गुटीय संतुलन बनाने की भरसक कोशिश की। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर-चंबल से कांग्रेस को मिले समर्थन के प्रति आभार जताते हुए कमलनाथ ने मंत्रिमंडल ने इन क्षेत्रों को यथोचित स्थान दिया। जातिगत संतुलन बनाकर लक्ष्य 2019 को साधने की तैयारी भी दिखाई।
Kamal Nath team ready for mission 2019, many senior leaders did not get chance
मुख्यमंत्री कमलनाथ ने अपने मंत्रिमंडल में पहली बार में 28 कैबिनेट मंत्रियों को शामिल करने के लिए पांच दिन मशक्कत की। दिल्ली में सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के साथ कमलनाथ ने कई दौर की बैठक की। तीनों प्रमुख नेताओं की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ भी बैठकें हुईं। सोमवार आधी रात तक कवायद चलती रही। सूत्रों के मुताबिक, 28 मंत्रियों की सूची शपथ के करीब 13 घंटे पहले राजभवन भेजी गई।
कमलनाथ मंत्रिमंडल में लक्ष्मण सिंह, केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, विक्रम सिंह नातीराजा, घनश्याम सिंह, दीपक सक्सेना जैसे कई वरिष्ठ नेताओं के नाम काटकर 28 मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। जिन मंत्रियों को शपथ दिलाई गई, उनमें नौवें क्रम से सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थकों के नाम शामिल किए गए हैं।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष के लिए डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ व डॉ. गोविंद सिंह के नाम चल रहे थे, उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल कर लिया गया। मंत्रिमंडल से बाहर हुए वरिष्ठ विधायकों में से कुछ खुश नहीं हैं, लेकिन नाराजगी अभी दबाए हुए हैं। विक्रम सिंह नातीराजा ने कहा कि उनका नाम मंत्रिमंडल में शामिल क्यों नहीं हुआ, यह मैं नहीं जानता। यह तो आप लोग उनसे ही पूछो।
मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार दोपहर तीन बजे राजभवन में शुरू हुआ, जिसमें विपक्षी दल भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैलाश जोशी और बाबूलाल गौर ही पहुंचे। वहीं, कांग्रेस के भी पूर्व केंद्रीय मंत्री और भोजपुर विधानसभा चुनाव क्षेत्र से हारे प्रत्याशी सुरेश पचौरी व पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह की गैरमौजूदगी चर्चा का विषय रही।
शपथ ग्रहण समारोह में एक समय शिवराज सरकार में मंत्री का दर्जा पाने वाले कंप्यूटर बाबा काफी सक्रिय नजर आए तो प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष अरुण यादव भी छोटे भाई सचिन को मंत्री बनाए जाने से खुश दिखाई दिए। कांग्रेस के बुजुर्ग नेता महेश जोशी, रामेश्वर नीखरा, प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी उपाध्यक्ष चंद्रप्रभाष शेखर, अजीता बाजपेयी पांडे भी कार्यक्रम में पहुंची।

