भोपाल। 15 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस की कमलनाथ सरकार के 22 मंत्री आज राजभवन में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। दिल्ली में पिछले पांच दिन से जारी मशक्कत के बाद मुख्यमंत्री नाथ, सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह सहित अन्य दिग्गजों के समर्थकों की परफॉर्मेंस व क्षेत्रीय जातीय समीकरण के आधार पर संख्या तय की गई है।
Kamlath cabinet will be constituted after five days of grief, 22 ministers will take oath in Raj Bhavan
मंत्रिमंडल में गुटीय, क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन बनाने के प्रयास अंतिम क्षणों तक जारी रहे। इधर,खबर है कि बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती की मुख्यमंत्री नाथ से चर्चा हुई है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि बसपा सरकार में शामिल होगी या नहीं। हालांकि देर रात को जिनको मंत्रिमंडल में शामिल किया जाना है, उनके पास शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए फोन आने लगे थे।
सूत्रों के मुताबिक कमलनाथ सरकार में जिन मंत्रियों को लिया जा रहा है, उनमें डॉ. गोविंद सिंह, आरिफ अकील, केपी सिंह, बिसाहूलाल सिंह, बृजेंद्र सिंह राठौर, बाला बच्चन, जीतू पटवारी, डॉ. प्रभुराम चौधरी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, इमरती देवी, गोविंद सिंह राजपूत, तुलसीराम सिलावट, राजवर्द्धन सिंह, लाखन सिंह यादव, कमलेश्वर पटेल, हिना कांवरे, झूमा सोलंकी, लखन घनघोरिया, तरुण भनोत, दीपक सक्सेना, हुकुमसिंह कराड़ा, सज्जन सिंह वर्मा, लक्ष्मण सिंह या जयवर्द्धन सिंह के नाम प्रमुखता से सामने आए हैं।
हालांकि विधानसभा अध्यक्ष के लिए चर्चा में चल रहे नामों में डॉ. विजयलक्ष्मी साधौ और एनपी प्रजापति में से जिसे भी स्पीकर चुना जाता है तो अन्य को मंत्रिमंडल में लिए जाने की संभावना है। दो निर्दलीय प्रत्याशियों प्रदीप जायसवाल और ठा. सुरेंद्र सिंह शेरा भैया को मंत्रिमंडल में लिए जाने का नाथ पहले ही संकेत दे चुके हैं।
दिनभर चली गहमागहमी
दिल्ली में मंत्रिमंडल के सदस्यों के नामों को लेकर मुख्यमंत्री कमलनाथ, सिंधिया, दिग्विजय सिंह, एआईसीसी महासचिव दीपक बाबरिया की कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ पूर्वान्ह और अपरान्ह दो दौर की मुलाकात की। प्रदेश के नेताओं की केंद्रीय पर्यवेक्षक एके एंटोनी के साथ ही चर्चा हुई। सूत्रों ने बताया कि सिंधिया अपने समर्थकों की मंत्रिमंडल में एक तिहाई संख्या के साथ विभागों के बंटवारे पर भी अड़े हैं। इस कारण देर शाम तक सूची में संशोधन होते रहे।
संभावित मंत्रियों के बंगलों पर भीड़
वहीं, भोपाल में कुछ विधायक मंत्री बनने को लेकर निश्चिंत दिखे और उनके यहां अफसरों की आवाजाही भी दिखाई दी। डॉ. गोविंद सिंह, जीतू पटवारी, सचिन यादव के सरकारी बंगलों पर स्थानीय प्रशासन ने चूने की लाइन डाल दी तो समर्थकों की भीड़ भी लगना शुरू हो गई। उधर, संभावित मंत्रियों की सूची में जिन विधायकों का नाम शामिल हैं, उनमें से कुछ सोमवार की रात तक दिल्ली में डेरा डाले थे। भोपाल से लेकर दिल्ली तक मंत्री बनने की सूचना के फोन का विधायक इंतजार करते रहे।
मायावती से नाथ की चर्चा
सूत्र बताते हैं कि दिल्ली में मंत्रिमंडल के नामों की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री कमलनाथ की बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती के साथ मुलाकात हुई। मुख्यमंत्री द्वारा लोकसभा चुनाव के महागठबंधन के मद्देनजर चर्चा की और मप्र में सरकार में शामिल होने का प्रस्ताव देने व लोकसभा चुनाव में किस तरह प्रदेश में कांग्रेस के साथ रहेंगी, जैसे बिंदुओं पर चर्चा की गई।
डॉ. अलावा के बागी तेवर
वहीं, जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) के पूर्व प्रमुख और कांग्रेस से विधायक डॉ. हीरालाल अलावा के बागी तेवर दिखाई दे रहे हैं। पहली बार के विधायकों को मंत्री नहीं बनाए जाने के फामूर्ले के बाद डॉ. अलावा ने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री नाथ से फोन पर बात की तो उन्होंने मंत्री बनाने में असमर्थता जताई।

