रमेश शर्मा वरिष्ठ पत्रकार
कारगिल विजय दिवस है । आज इस विजय को बीस साल पूरे हो गये । इस युद्ध में भारत के 527 सैनिक शहीद हुये थे जिसमें कैप्टन मनोज पांडे को परम वीर चक्र से सम्मानित किया था। कोई चौदह हजार फीट ऊंची इस पर्वतीय क्षेत्र पर पाँच हजार घुसपैठियों ने मोर्चा बंदी कर ली थी ।
इसे सबसे पहले 3 मई को एक चरवाहे ने देखा और सूचित किया । बाद में सेना ने मोर्चा बंदी की । यह युद्ध लगभग दो माह से अधिक दिनों तक चला और भारतीय सेना ने जुलाई के तीसरे सप्ताह मुक्त करा लिया था लेकिन चार पांच दिन पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया और 26 जुलाई को भारतीय ध्वज फहराया गया ।
इस प्वांइट पर मुश्किल लड़ाई इस लिये हुई कि इसके नीचे से पैट्रोलिंग रोड था । पाकिस्तानी सेना ऊपर से फायरिंग कर रही थी । फिर भी भारतीय सैनिकों ने इस पर कब्जा किया । हालांकि पाकिस्तान ने इस बात का खंडन किया था । कारगिल में कब्जा करने वाले उसके सैनिक थे उसका दावा था कि यह सब कश्मीरी विद्रोही थे । लेकिन ऊपर जो गोला बारूद और हथियार मिले वे सब पाकिस्तानी सेना के थे। शहीद सैनिकों को नमन और सेना का अभिनंदन।

