किडनी कांड का खुलासा, फोर्टिस की को-ऑर्डिनेटर गिरफ्तार

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फरीदाबाद

किडनी कांड की जांच की आंच फरीदाबाद तक पहुंच गई है। कानपुर पुलिस नले फोर्टिस अस्पताल की को-ऑर्डिनेटर सोनिका डबास को  गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उन्हें सोमवार को पूछताछ के लिए कानपुर बुलाया था।

कानपुर के एसएसपी अनंत देव तिवारी ने बताया कि दिसंबर 2018 में किडनी कांड का खुलासा हुआ था। तभी से इस प्रकरण की जांच चल रही है। इस मामले में अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। तीन दिन पहले इसी मामले में दिल्ली स्थित पुष्पावती सिंघानिया रिसर्च इंस्टीट्यूट के डॉ. दीपक शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था।

एसएसपी ने बताया कि फरीदाबाद के फोर्टिस अस्पताल में ट्रांसप्लांट संबंधी दो फाइलें मिली हैं। इन फाइलों में जिन किडनी डोनर और रिसीवर के नाम दर्ज हैं, जांच के बाद वह दोनों ही फर्जी पाए गए। इनमें एक फाइल पर तीरथ पाल और दूसरे पर अरुण कुमार का नाम था। दोनों का ही पता अलीगढ़ दर्शाया गया था। जांच के बाद फाइल में दर्शाए गए दोनों ही रिसीवर फर्जी निकले। इसके अलावा फाइल में दर्ज दोनों डोनर भी फर्जी निकले।

किडनी कांड की जांच कर रहे कानपुर के एसपी क्राइम राजेश यादव ने बताया कि सोमवार को सोनिका डबास से कई घंटे पूछताछ की गई थी। शाम को उन्हें भेज दिया गया। मंगलवार को उन्हें फिर से पूछताछ के लिए बुलाया गया था। इस दौरान पुलिस ने उनके बयान और मौजूदा सुबूतों का मिलान किया तो कई मामलों में सोनिका की भूमिका संदिग्ध नजर आई। इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

फोर्टिस प्रबंधन ने दी सफाई
देर शाम अस्पताल के मुख्य प्रवक्ता ने मीडिया को जारी बयान में कहा कि फोर्टिस हेल्थकेयर इस तरह के गलत कार्यों का बिलकुल पक्षधर नहीं है। पुलिस और जांच अधिकारी को पूरा सहयोग किया जाएगा। एक जिम्मेदार संस्थान होने के नाते हम मानव अंग प्रत्यारोपण एक्ट और नियमों का पूरी तरह से पालन करते हैं।