कर्ज में डूबी प्रदेश सरकार विकास कार्यों के लिए फिर लेगी दो हजार करोड़ का कर्ज

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भोपाल। डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के कर्ज में डूबी राज्य सरकार विकास कार्यों के लिए फिर बाजार से दो हजार करोड़ रुपए कर्ज ले रही है। वित्त विभाग ने कर्ज लेने की औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं। इसे मिलाकर 2018 में सरकार द्वारा लिए जाने वाले कर्ज की राशि नौ हजार करोड़ रुपए हो जाएगी। संभवत: इसी हफ्ते कर्ज लेने की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।
Loans to the state government will take two thousand crore loan for development works
वित्त संकट से गुजर रही राज्य सरकार को रुके हुए और चल रहे विकास कार्यों के लिए फिर से कर्ज लेना पड़ रहा है। सूत्र बताते हैं कि विधानसभा चुनाव की घोषणा से ठीक पहले सरकार द्वारा की गई घोषणाओं को पूरा करने के लिए राशि की जरूरत है। वहीं पुराने निर्माण कार्य भी राशि की कमी के कारण अटक रहे हैं। इसे देखते हुए कर्ज लेने की नौबत आई है। वित्त विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग जैन ने फिर से कर्ज लिए जाने की पुष्टि की है।

दूसरे हैड में ट्रांसफर कर रहे राशि
अपने कामों को जारी रखने के लिए विभागों को दूसरे हैड से राशि ट्रांसफर कराना पड़ रही है। वित्त विभाग के अफसर बताते हैं कि विभागों को कई हैड में राशि दी जाती है। कई बार ऐसा होता है कि एक हैड की राशि खर्च नहीं होती, जबकि दूसरे हैड की राशि पूरी खर्च हो जाती है। इस हैड में और राशि की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कई विभाग उस हैड की राशि का उपयोग करने के लिए हैड बदलवा रहे हैं।

कर्ज लेना प्रक्रिया है, राशि की कमी नहीं
वित्त विभाग के अफसर दावा करते हैं कि राशि की कमी नहीं है। कर्ज लेना प्रक्रिया का अंग है और यह बजट के समय ही तय हो जाती है। सरकार की प्रदेश के बजट की 3.50 फीसदी राशि कर्ज के रूप में लेने की लिमिट है। उसके अंदर ही कर्ज लिया जा रहा है।