मेघालय: कोयला खदान में फंसे 13 मजदूरों के बचने की गुंजाइश कम, बचाव कार्य जारी

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शिलॉन्ग। मेघालय के ईस्ट जेंतिया हिल्स में पानी से भरे कोयला खदान में 13 मजदूर अभी तक फंसे हैं और अधिकारी धीरे-धीरे उनके बचने की उम्मीद छोड़ने लगे हैं। हालांकि, मजदूरों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू आॅपरेशन चलाया जा रहा है। ईस्ट जेंतिया हिल्स के जिला पुलिस प्रमुख सिलवेस्टर नौंगटन्गर ने बताया कि बचाव कार्य तेजी से चल रहा है।
Meghalaya: 13 workers stranded in coal mine, less scope for survival, rescue operations continue
नैशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल ने 17 अप्रैल, 2014 से राज्य में असुरक्षित तरीके से कोयला खनन पर अंतरिम रोक लगा दी थी। सिल्वेस्टर ने कहा कि गुरुवार देर शाम जानकारी मिली थी कि लुमथरी इलाके के तीन स्थानीय निवासियों सहित कुल 13 मजदूर कोयला खदान फंसे हैं। ऐसा लगता है कि खनिकों ने तीन-चार दिन पहले फिर से खनन शुरू किया था।

उन्होंने कहा, ‘हमारा पहला काम फंसे लोगों को बचाना है। हम जेनरेटर की मदद से खदान से पानी बाहर निकाल रहे हैं, लेकिन पानी का स्तर कम नहीं हुआ है।’ उन्होंने आशंका जताई कि खनिकों के जीवित बचे होने की गुंजाइश कम है। कोयला खदान के मालिक की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। खदान के मालिक के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज कर लिया गया है।

एनडीआरएफ और एसडीआरएफ को बचाव कार्य में लगाया गया है। स्थानीय मीडिया की मानें तो NGT के न्यायिक पैनल ने अब इस मामले में राज्य सरकार से रिपोर्ट मांगी है। एनजीटी ने 31 अगस्त को पर्यावरण संरक्षण और खनन मजदूरों की सुरक्षा से जुड़े मुद्दों के लिए न्यायिक पैनल का गठन किया था।