भोपाल। कांग्रेस विधायक दल की बैठक के पहले दौर में भले ही मुख्यमंत्री का नाम तय नहीं हो पाया, लेकिन भावी मंत्रिमंडल को लेकर सियासी सरगर्मी एकाएक तेज हो गई है। विधानसभा अध्यक्ष के लिए भी कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने संभावित नामों पर विचार मंथन शुरू कर दिया। क्षेत्रीय और जातिगत समीकरण के हिसाब से संभावित नामों की पूछ-परख शुरू हो गई है। स्पीकर के लिए भी अनुभवी एवं संसदीय परंपरा के जानकार विधायक की तलाश शुरू हो गई है।
Prior to the name of the Chief Minister, the political stirrings of the future Cabinet will be intensified, churning on the names of veterans
पार्टी सूत्रों का कहना है कि चुनावी नतीजे इतने चौंकाने वाले रहे कि नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह सहित कई दिग्गज नेता पहले ही दौड़ से बाहर हो गए। विधानसभा अध्यक्ष के लिए डॉ. गोविंद सिंह, लक्ष्मण सिंह, डॉ. विजय लक्ष्मी साधौ और एनपी प्रजापति के नामों की चर्चा चल पड़ी है। प्रदेश में डेढ़ दशक बाद सत्ता में लौट रही कांग्रेस सरकार में कुछ पुराने मंत्रियों को भी रखा जा रहा है।
उसी अनुपात में युवा विधायकों को भी मौका देने की योजना है। विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर लड़ने वाली कांग्रेस सत्ता में लौटते ही फिर सभी गुटों को संतुष्ट करने की नीति पर चल पड़ी है। मंत्री के रूप में जिसकी ताजपोशी होगी, वह किस नेता से संबद्ध है यह मापदंड भी मुख्य भूमिका निभाएगा।
नियमानुसार प्रदेश में विधानसभा की कुल सदस्य संख्या के 15 फीसदी सदस्य मंत्रिपरिषद में लिए जा सकते हैं। इस हिसाब से मुख्यमंत्री सहित 35 मंत्रियों का मंत्रिमंडल बन सकता है। 13 साल के कार्यकाल के दौरान भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने यह संख्या कभी पूरी नहीं की। सियासी रणनीति के तहत उन्होंने 3-4 मंत्री पद हमेशा खाली रखे, ताकि लोगों की उम्मीद हमेशा बनी रहे।
ये हैं मंत्री पद के दावेदार
चुनाव जीतकर आए 114 कांग्रेस विधायकों और 4 निर्दलीयों में से जिन्हें मंत्री पद से नवाजा जाना है उनमें कुछ नाम सुर्खियों में हैं। इनमें डॉ. गोविंद सिंह, बाला बच्चन, हुकुम सिंह कराड़ा, एनपी प्रजापति, आरिफ अकील, सज्जन वर्मा, लक्ष्मण सिंह, विजय लक्ष्मी साधौ, इमरती देवी, कमलेश्वर पटेल, दीपक सक्सेना, तुलसी सिलावट, तरुण भनोत, गोविंद राजपूत, जीतू पटवारी, लखन घनघोरिया, ओमकार मरकाम, जयवर्धन सिंह, हिना कांवरे, प्रदीप जायसवाल गुड्डा, ठाकुर सुरेन्द्र सिंह शेरा, पीसी शर्मा, सचिन यादव, झूमा सोलंकी, डॉ. प्रभुराम चौधरी, उमंग सिंघार, राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, बृजेंद्र सिंह राठौर, हर्ष यादव और प्रद्युम्न सिंह तोमर के नाम प्रमुख रूप से लिए जा रहे हैं।

