TIO पेरिस

पिछले शनिवार को 5 लाख से ज्यादा लोग प्रदर्शन करने सड़कों पर उतरे थे। प्रदर्शन के दौरान दुकानों में तोड़फोड़ हुई, लूटपाट की गई और गाड़ियों में आग लगाई गई। अब तक 2,700 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
हालात को देखते हुए कई शहरों में कर्फ्यू लगाया गया है और लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। पेरिस का लूव्र म्यूजियम बंद रहेगा, जबकि पेरिस सेंट-जर्मेन और लियोन के बीच फुटबॉल मैच भी टाल दिया गया है।
स्कूलों की खराब हालत को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब महंगाई, बढ़ते खर्च और सरकारी सुविधाओं में कटौती के खिलाफ भी फैल गया है।
फ्रांस के हिंसक आंदोलन की 5 तस्वीरें….





मैक्रों ने छात्र संगठनों से मुलाकात की
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने शुक्रवार को छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। एक महीने से ज्यादा समय पहले स्कूलों की हालत को लेकर प्रदर्शन शुरू होने के बाद यह उनकी छात्र संगठनों के साथ पहली सीधी बैठक थी।
मैक्रों ने कहा था कि वीकेंड पर सिर्फ मजदूर संगठनों के प्रदर्शनों को मंजूरी दी जाएगी। इस फैसले से छात्र संगठन नाराज हैं। फ्रांस के प्रमुख छात्र संगठन UNEF ने आज रैली निकालने का ऐलान किया है।
संगठन ने कहा कि मैक्रों लोगों के प्रदर्शन करने के अधिकार को छीन रहे हैं। उसने साफ किया कि रोक के बावजूद रैली निकाली जाएगी।


