TIO नई दिल्ली
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 19 विपक्षी पार्टियों के सेव डेमोक्रेसी मार्च को पुलिस ने रोक दिया है। राहुल-प्रियंका को पुलिस ने हिरासत में लेकर बस में बैठाया, तो वे उतरकर आकाशवाणी बिल्डिंग में घुस गए। दोनों आकाशवाणी कैंपस में करीब 2 घंटे से धरने पर बैठे हैं और चुनाव आयोग तक जाने की मांग पर अड़े हैं।
इसी दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता आकाशवाणी के बाहर पहुंचे और गेट को धक्का देकर बस पर चढ़ गए। पुलिस उन्हें हटा रही है। आकाशवाणी से आयोग का ऑफिस 270 मीटर दूर है। विपक्ष ने नई संसद से चुनाव आयोग तक मार्च निकाला था।
पुलिस ने विपक्षी सांसदों को तीन बार रोका। इस दौरन राहुल हाथ में तिरंगा लेकर बैरिकेड्स पर चढ़ गए। राहुल ‘ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो’ का पोस्टर लिए दिखे। चुनाव आयोग के खिलाफ दिल्ली और मुंबई में पिछले पांच दिनों में सातवां प्रदर्शन है।
राहुल का आरोप- चुनाव चोरी करने में ज्ञानेश कुमार ने मदद की
राहुल गांधी ने कहा- 300 लोकसभा और राज्यसभा के सांसद आए थे। हम चाहते थे ज्ञानेश कुमार और उनके दो चुनाव आयुक्तों से मिलना चाहते थे। पुलिस ने हमें रोका। चुनाव आयोग से 50 गज दूर बैठाकर रखा है हमें जाने नहीं दे रहे हैं। 300 सांसद ज्ञानेश कुमार से मिलना चाहते हैं। ज्ञानेश कुमार डरे हुए हैं। अगर जनप्रतिनिधियों से चुनाव आयोग नहीं मिलेगा तो लोकतंत्र का क्या मतलब है। सवाल पूछने पर राहुल ने नाराजगी जताई और कहा कि क्या मैं आपको भाजपा का कार्यकर्ता लगता हूं। भाजपा जो बोले मुझे उसमें कोई इंटरेस्ट नहीं है। मैं लोकतंत्र बचाने यहां खड़ा हूं। अमित शाह, नरेंद्र मोदी, ज्ञानेश कुमार और मोहन भागवत ने देश के लोकतंत्र को खत्म कर दिया है। देश के युवा ये बात जानते हैं। चुनाव को मोदी-शाह ने हाइजैक किया है और ज्ञानेश कुमार ने उनकी मदद की है। इनमें से कोई भी बच कर नहीं जाएगा। जो इन्होंने देश के साथ किया है, वह देशद्रोह है। यहां पुलिस वाले भी यही कर रहे हैं और इनमें से एक भी व्यक्ति बचकर नहीं जाएगा।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया

आकाशवाणी कैंपस में प्रदर्शनकारी बस पर चढ़े



