गोडसे बयान पर प्रज्ञा ने नहीं मांगी माफी, कहा- पार्टी की लाइन, मेरी लाइन

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महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को देशभक्त बताने वाली टिप्पणी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भले ही दूरी बना ली है, और निर्वाचन आयोग ने जवाब मांगा हो, लेकिन भोपाल संसदीय क्षेत्र से पार्टी की प्रत्याशी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अपने बयान पर माफी नहीं मांगी है. प्रज्ञा सिंह ने कहा कि अपने संगठन बीजेपी में निष्ठा रखती हूं, उसकी कार्यकर्ता हूं और पार्टी की लाइन मेरी लाइन है. लेकिन उन्होंने अपने बयान को लेकर किसी तरह का अफसोस या खेद नहीं जताया.

विपक्ष ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के उस बयान को लेकर उन पर निशाना है, जिसमें उन्होंने महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे को ‘देशभक्त’ बताया है. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि बापू के हत्यारे देशभक्त? हे राम! बाद में बैकफुट पर आई बीजेपी ने प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान से दूरी बना ली है.

चारों तरफ आलोचना के बाद समाचार एजेंसी एएनआई के साथ बातचीत में प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा, ‘अपने संगठन बीजेपी में निष्ठा रखती हूं, उसकी कार्यकर्ता हूं और पार्टी की लाइन ही मेरी लाइन है.’ प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा था कि. “नाथूराम गोडसे देशभक्त थे और हमेशा रहेंगे. उन्हें आतंकवादी कहने वाले लोगों को आत्ममंथन करना चाहिए. उन्हें इन चुनावों में मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा.”

बैकफुट पर बीजेपी, बयान से बनाई दूरी

हालांकि मध्य प्रदेश बीजेपी ने इस बयान से दूरी बना ली है. मध्य प्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी लोकेन्द्र पराशर ने कहा, “बीजेपी उनके बयान से सहमत नहीं है. पार्टी उनसे बात करके और पूछेगी कि उन्होंने किन परिस्थितियों में यह बयान दिया. महात्मा गांधी की हत्या करने वाला देशभक्त नहीं हो सकता.”

विपक्ष ने कहा- हे राम!

वहीं विपक्ष ने मालेगांव ब्लास्ट मामले में आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर के बयान को लेकर बीजेपी को घेरने की कोशिश की. प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, बापू के हत्यारे देशभक्त? हे राम! अपने उम्मीदवार से दूरी बना लेना काफी नहीं है. बीजेपी के दिग्गजों में अपने रुख जगजाहिर करने की हिम्मत है? वहीं भोपाल से कांग्रेस के प्रत्याशी और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा, ‘मोदी जी, अमित शाह जी और राज्य भाजपा को इस पर बयान देना चाहिए और उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए. मैं इस कथन की निंदा करता हूं, नाथूराम गोडसे एक हत्यारा था, उसे महिमा मंडित करना देशभक्ति नहीं है, यह देशद्रोह है.’

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने कहा, ‘जब एक हिंदू कट्टरपंथी जिसने गांधी जी को गोलियों से भून दिया, अगर वह राष्ट्रवादी के रूप में प्रतिष्ठित किया जा रहा है तो मुझे एक राष्ट्र विरोधी कहे जाने पर गर्व है. ऐसी नेशनलिज्म और देशभक्ति हमारे बस की नहीं. ये आपको मुबारक.