जीत के बाद राहुल के सामने नेताओं को संतुष्ट करना सबसे बड़ी चुनौती, किसे दें सीएम का पद!

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नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों में विजय पताका लहराने के बाद कांग्रेस नेतृत्व के सामने अब अपने सभी बड़े नेताओं को संतुष्ट करने की चुनौती है। 2019 के चुनावों से पहले सीएम के नामों का ऐलान खुद राहुल गांधी के लिए किसी टेस्ट से कम नहीं होगा। इस बीच, सुबह संसद पहुंचकर उन्होंने 2001 आतंकी हमले के शहीदों को श्रद्धांजलि दी और अब अपने आवास पर लौट आए हैं। संसद से रवाना होने से पहले उन्होंने पत्रकारों के सवाल पर कहा कि सीएम के नामों को लेकर हम विधायकों और कार्यकतार्ओं से उनके इनपुट ले रहे हैं।
Satisfying the leaders in front of Rahul after victory, the biggest challenge, to whom CM’s post!
उन्होंने कहा, ‘हम पार्टी में अलग-अलग लोगों की राय जान रहे हैं। आप मुख्यमंत्री का नाम जल्द ही जान जाएंगे।’ इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष के घर पर पार्टी नेताओं का पहुंचना शुरू हो गया है। थोड़ी देर में सचिन पायलट और अशोक गहलोत भी उनके घर आ सकते हैं।  आपको बता दें कि विधायक दल की बैठक और तमाम लॉबिंग के बीच आज कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी तीन राज्यों एमपी, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के नामों का ऐलान करेंगे। अब राहुल गांधी कौन सा फॉम्युर्ला अपनाते हैं, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। कई तरह के समीकरण और अटकलें लगाई जा रही हैं।

राजस्थान का ताज किसके सिर?
राजस्थान के दोनों प्रमुख दावेदार अशोक गहलोत और सचिन पायलट दिल्ली पहुंच गए हैं। आज दोपहर में कांग्रेस चीफ के साथ उनकी बैठक होनी है। इससे पहले राजस्थान में पार्टी के विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन कोई आम सहमति नहीं बन पाई। दोनों ही खेमे आमने-सामने डटे हुए हैं। ऐसे में बीच का रास्ता ढूंढना एक टेढ़ी खीर है। इस बीच राहुल गांधी ने एप के जरिए कार्यकतार्ओं से उनकी पसंद जानने की कोशिश की है।

कहा यह भी जा रहा है कि राहुल राजस्थान की कमान बारी-बारी से गहलोत और पायलट को सौंपने के फॉम्युर्ले पर विचार कर सकते हैं। खबर है कि राहुल गांधी ने खुद कई कार्यकतार्ओं और नेताओं को फोन कर इस मामले पर उनकी राय जानी है।

उधर, मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज शाम 4 बजे कांग्रेस के विधायकों की एक बैठक बुलाई गई है। भले ही कहा जा रहा हो कि यहां की तस्वीर साफ है पर चुनौती यह है कि पार्टी के फैसले से कोई बड़ा नेता नाराज भी न हो। एक दिन पहले ही विधायकों ने कमलनाथ को अपना नेता चुन लिया था। ऐसे में उनका सीएम बनना तय माना जा रहा है।

संभावना जताई जा रही है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया को संतुष्ट करने के लिए उन्हें डेप्युटी सीएम का पद दिया जा सकता है। आपको बता दें कि कमलनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनने के बाद दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे प्रदेश के सभी दिग्गज नेताओं को एक साथ लाने का काम किया, जिसके चलते इस बार हुए विधानसभा चुनाव में पार्टी में एकजुटता दिखी।

छत्तीसगढ़ में फंसा पेच
छत्तीसगढ़ में सीएम के नाम को लेकर आम सहमति बनाने की कोशिश हो रही है। बताया जा रहा है कि कार्यकतार्ओं के पास राहुल गांधी की आवाज में रेकॉर्डेड फोन कॉल आए हैं। इनमें कार्यकतार्ओं से सीएम का नाम पूछा जा रहा है। पार्टी के चार बड़े नेताओं का नाम इसके लिए सबसे आगे है। इनमें पार्टी का ओबीसी चेहरा माने जाने वाले ताम्रध्वज साहू का नाम भी शामिल है। 2019 के चुनाव के लिए साहू पार्टी के लिए फायदेमंद माने जा रहे हैं। पाटन से चार बार विधायक रहेऔर अजीत जोगी सरकार में मंत्री रहे भूपेश बघेल का नाम भी इस लिस्ट में है। इसके अलावा चरणदास महंत और टीएस सिंह देव भी कुर्सी के दावेदारों में हैं। अब राहुल गांधी के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।