दिल्ली में स्मॉग और सर्दी ने बरपाया कहर, क्रिसमस से पहले लोगों को घुटा दम

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में स्मॉग और सर्दी ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। नए साल से पहले दिल्ली में प्रदूषण का स्तर दिवाली से भी ज्यादा हो चुका है। क्रिसमस से पहले दिल्लीवालों का दम घुटने लगा है। लोग सिरदर्द, आंखों में जलन और खांसी से बेहाल हैं। पीएम 10 से कहीं अधिक परेशानी इस समय पीएम 2.5, बेंजीन और एनओ2 बढ़ने से हो रही है। रविवार, दिल्ली में सीजन का सबसे प्रदूषित दिन था। बीती रात से ही प्रदूषण के स्तर में इजाफा हो रहा था। सुबह करीब 9 बजे नेहरू नगर और वजीरपुर में पीएम 2.5 बढ़कर 1000 एमजीसीएम पहुंच गया। यह सामान्य से 16.7 गुना अधिक है। प्रदूषण और सर्दी को देखते हुए लोगों को कुछ दिनों के लिए घरों में रहने की सलाह दी गई है।
Smug and winter in Delhi, the people of the city
नेहरू नगर में पीएम 10 का स्तर 11 गुना और वजीरपुर में 13 गुना दर्ज हुआ। ध्यान चंद स्टेडियम में बेंजीन सामान्य से 7 गुना अधिक, आरके पुरम में 6 गुना और मुंडका व आनंद विहार में 5 गुना अधिक दर्ज हुई। एनओ2 का स्तर आनंद विहार में सामान्य से 4 गुना, पंजाबी बाग में 3 गुना अधिक रहा। सीपीसीबी के अनुसार, दिल्ली के सबसे प्रदूषित एरिया में रविवार को नेहरू नगर और वजीरपुर रहे। यहां एयर इंडेक्स 482 रहा। रोहिणी का एयर इंडेक्स 480 रहा।

स्मॉग की चादर दिल्ली में 2 दिनों से जमी हुई है। इसका असर विजिबिलिटी पर भी पड़ रहा है। दिवाली से कहीं अधिक जानलेवा इस समय का प्रदूषण है। सीपीसीबी और ईपीसीए इस बात से भी परेशान हैं कि क्रिसमस और न्यू ईयर पर अगर लोगों ने अतिशबाजी की तो हवा और खराब होगी। यही वजह है कि सीपीसीबी दिल्ली-एनसीआर में ग्रीन पटाखे ही बेचे जाने के निर्देश दे चुका है।

सीपीसीबी ने लोगों को सलाह दी है कि जो लोग सांस और फेफड़ों की बीमारी से जूझ रहे हैं, वो अगले 3 से 5 दिन घरों में कैद हो जाएं। टास्क फोर्स की शनिवार शाम हुई मीटिंग में आईएमडी ने बताया कि अगले 3 से 5 दिन प्रदूषण से राहत नहीं मिलेगी। मौसम इस समय काफी ठंडा है। इसकी वजह से हालात बिगड़े हुए हैं। इसके बाद सीपीसीबी ने ईपीसीए को सुझाव दिया कि सिविक एजेंसी अपने मौजूदा कदमों को सख्ती से उठाए।

छुट्टियों पर ट्रैफिक पुलिस सुनिश्चित करे कि जाम न लगे। लोगों को प्राइवेट गाड़ियों का उपयोग नहीं करने खासकर डीजल गाड़ियों के इस्तेमाल से बचने को कहा गया है। इससे पहले डीजल गाड़ियों पर रोक, निर्माण कार्य रोकने, एनसीआर में डीजल जेनरेटर नहीं चलाने और पार्किंग चार्ज बढ़ाने जैसे कदमों को सख्ती से लागू करने में एजेंसियां विफल रही हैं। यही वजह है कि इस बाद सीपीसीबी ने सीधे लोगों से ही अपील की है और घर पर रहने या गाड़ियों का इस्तेमाल न करने जैसी बातें कही हैं।