वर्ल्ड डेस्क
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेखिका ई. जीन कैरोल द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोपों का खारिज कर दिया है। उन्होंने इन आरोपों को “पूरी तरह झूठा” बताते हुए कहा है कि “वो मेरे टाइप की नहीं है।” ट्रंप ने एक अमेरिकी अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा, “मैं बड़े सम्मान के साथ कहूंगा कि नंबर एक, वो मेरे टाइप की नहीं है। नंबर दो, ये सब हुआ ही नहीं। ठीक है?”
बता दें बीते कई दशकों से कैरोल ऐसी 16वीं महिला हैं जो सार्वजनिक तौर पर ट्रंप पर यौन शोषण का आरोप लगा चुकी हैं। कई महिलाएं तो 2016 के राष्ट्रपति चुनाव से पहले सामने आई थीं। ट्रंप भी सभी आरोपों को खारिज करते आए हैं और महिलाओं को झूठा बताते रहे हैं। कैरोल का कहना है कि वह ट्रंप को व्हाइट हाउस में देखकर हैरान हैं और कुछ नहीं कर सकतीं, केवल अपनी कहानी ही बता सकती हैं।
बता दें कैरोल ने आरोप लगाया है कि 1990 के दशक में उनके साथ ट्रंप ने दुष्कर्म किया था। ट्रंप का कहना है कि वह ई. जीन कैरोल नाम की इस महिला से कभी नहीं मिले हैं। ट्रंप ने महिला पर आरोप लगाया है कि वह नई किताब बेचने के लिए उनपर ऐसे आरोप लगा रही है।
क्या कहना है कैरोल का?
न्यूयॉर्क पत्रिका में छपे लेख में कैरोल ने कहा है कि वह ट्रंप से 1995 के आखिर और 1996 की शुरुआत में मिली थीं। ये मुलाकात बर्जडोर्फ गुडमैन (डिपार्टमेंट स्टोर कंपनी) में हुई थी। कैरोल कहती हैं कि उन्होंने ट्रंप को रियल एस्टेट टायकून के रूप में पहचाना और ट्रंप ने उन्हें कहा था कि वह किसी लड़की के लिए तोहफा खरीदने आए हैं। इसी दौरान ट्रंप ने उनके साथ दुष्कर्म किया।
कैरोल ने लेख में जिन छह पुुरुषों पर यौन शोषण का आरोग लगाया है, ट्रंप उनमें से एक हैं। ट्रंप के अलावा उन्होंने लेस मूनव्स पर भी यौन शोषण का आरोप लगाया है। जो सीबीएस के पूर्व सीईओ हैं। उन्होंने यौन शोषण के आरोप लगने के बाद साल 2018 में इस्तीफा दे दिया था। कैरोल ने लेख में ट्रंप को अपने जीवन का ‘सबसे भयंकर अंतिम पुरुष’ बताया है और लिखा है कि उन्होंने ‘उस दिन के बाद से कभी शारीरिक संबंध नहीं बनाए हैं।’ अब कैरोल का कहना है कि ट्रंप द्वारा किए गए अपराध पर वह बोलती रहेंगी।

