MP: कमलनाथ ने लगाई सेंध, कांग्रेस के साथ आए बीजेपी के दो विधायक

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TIO, भोपाल

कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार गिरने के बाद मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कमलनाथ सरकार गिराने की चेतावनी दी। उन्होंने बुधवार को विधानसभा में कहा कि अगर हमारे ऊपर वाले नंबर 1 और 2 का आदेश हुआ तो कांग्रेस सरकार 24 घंटे भी नहीं चलेगी। भाजपा नेता के बयान पर सदन में हंगामा हुआ। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही सदन में सदन में दंड विधि विधेयक पर वोटिंग हुई। कमलनाथ ने कहा कि हमारे पक्ष में भाजपा के दो विधायकों ने वोटिंग की।

नाथ ने दावा किया कि मैहर से भाजपा विधायक नारायण त्रिपाठी और शहडोल के ब्यौहारी विधानसभा से शरद कोल ने हमारे पक्ष में वोट डाले। वोटिंग के बाद मंत्री पीसी शर्मा ने दावा किया कि भाजपा के और विधायक भी मुख्यमंत्री कमलनाथ के संपर्क में हैं।

विधेयक की वोटिंग से साफ हुआ, हमारी सरकार अल्पमत में नहीं- नाथ
वोटिंग के बाद सदन की कार्रवाई अनिश्चितकाल के लिए स्‍थगित कर दी गई। कमलनाथ ने कहा कि मुझे ये बात साबित करनी थी कि ये सरकार अल्पमत में नहीं थी और आज विधेयक के पक्ष में हुई वोटिंग से ये साफ हो गया है। इतना ही नहीं बसपा, सपा और निर्दलीय विधायक भी हमारे साथ हैं। इससे पहले सीएम ने कहा- राजनीतिक जीवन में मेरे ऊपर कोई दाग नहीं है। यहां बैठे हमारे विधायक बिकाऊ नहीं हैं। क्रॉस वोटिंग करने वाले शरद त्रिपाठी ने कहा कि, मेरी घर वापसी हुई है।

हमने मत विभाजन की मांग ही नहीं की थी, हम समर्थन करना चाहते थे- भार्गव
नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा- हमने विधेयक पर मत विभाजन की मांग नहीं की थी। ये मांग बसपा विधायक ने की, जो पहले से ही कांग्रेस के साथ थे। विधेयक पर हम सरकार का समर्थन करना चाहते थे। मत विभाजन की स्थिति जानबूझकर सदन में पैदा की गई। अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने कहा कि है कि विधायकों के दलबदल की जानकारी उनके पास नहीं आई है। जब आएगी तो कानून सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

भार्गव ने कहा- कर्नाटक से चली हवा मध्य प्रदेश तक पहुंचेगी

भाजपा नेता कर्नाटक में कुमारस्वामी सरकार गिरने के बाद सुबह से ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार की उल्टी गिनती शुरू होने को लेकर बयान दे रहे थे। विधानसभा के बाहर गोपाल भार्गव ने कहा था कि कर्नाटक से चली हवा अब मध्य प्रदेश तक पहुंचेगी। प्रदेश में लूट-खसोट का माहौल है। जल्द ही मध्य प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार का पिंडदान होने वाला है।

मध्य प्रदेश विधानसभा में दलीय स्थिति

पार्टी विधायक
कांग्रेस 114
भाजपा 108
बसपा 2
सपा 1
निर्दलीय 4
रिक्त 1

कुल सीट: 230

बहुमत के लिए: 116

कांग्रेस के पक्ष में 122

कमलनाथ सरकार ने मध्य प्रदेश विधानसभा में अपना बहुमत साबित किया भाजपा के अल्पमत वाली सरकार के आरोप को मुंहतोड़ जवाब देते हुए भाजपा के दो विधायकों का समर्थन प्राप्त करते हुए 122 विधायकों के साथ कमलनाथ जी की सरकार ने बहुमत साबित किया.