भोपाल। कांग्रेस की गुटबाजी संगठन में ही नहीं सरकार में भी दिखाई देने लगी है। सरकार बनने के बाद मंत्रियों के नाम तय करने और अब विभागों के बंटवारे में यह स्थिति बनी है। मुख्यमंत्री कमलनाथ से लेकर सरकार के बाहर बैठे पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया गुटीय संतुलन बनाने के लिए दो दिन से कवायद कर रहे हैं, लेकिन ये तीनों दिग्गज ही अपने-अपने समर्थकों को बड़े और भारी-भरकम विभाग दिलाने की कोशिश में जुटे रहे। इस कारण शपथ ग्रहण के 60 घंटे बाद भी मंत्रियों को विभाग नहीं मिले हैं, जिससे वे बिना विभाग के मंत्री के तौर पर अपने-अपने क्षेत्र के लिए रवाना होना शुरू हो गए।
Kamal Nath cabinet, a giant entangled in giving a huge department to the people, can not be decided
आधा दर्जन विभागों पर है सबकी निगाहें
कमलनाथ सरकार के मंत्रियों के विभाग बंटवारे में मुख्यमंत्री कमलनाथ, सिंधिया और दिग्विजय सिंह के बीच कई दौर की चर्चा हो चुकी हैं। सूत्रों के मुताबिक जिन विभागों को दिग्गज अपने समर्थक मंत्रियों को दिलाना चाह रहे हैं वे मुख्य रूप से वित्त, गृह, परिवहन, आबकारी, जनसंपर्क, सहकारिता, पीडब्ल्यूडी और महिला बाल विकास हैं।
सभी दिग्गज इन विभागों को अपने समर्थकों के पास रखना चाहते हैं, जिससे सरकार में ताकत का केंद्र वे ही रहें। सूत्र बताते हैं कि विभाग वितरण का मामला सज्जन सिंह वर्मा, तुलसीराम सिलावट, जयवर्द्धन सिंह, गोविंद सिंह राजपूत, जीतू पटवारी, सचिन यादव जैसे मंत्रियों के विभागों पर नेताओं के अड़ने से अटका है। स्थिति यह तक बन गई है कि नेता इसे दिल्ली लेकर पहुंच गए हैं और वहां से भी हस्तक्षेप करा रहे हैं।
दिग्विजय सिंह के निवास पर पहुंचे मंत्री
सूत्रों ने बताया कि दिग्विजय सिंह के निवास पर मंत्रियों के शपथ ग्रहण के दूसरे दिन भी मंत्रियों की अलग-अलग किस्तों में बैठकें हुईं। उनके निवास पर वरिष्ठ मंत्री डॉ. गोविंद सिंह, हुकुमसिंह कराड़ा, जीतू पटवारी, हर्ष यादव, जयवर्द्धन सिंह, सचिन यादव पहुंचे थे। वहीं, सिंधिया अपने समर्थकों से लगातार मोबाइल पर संपर्क में रहे। कमलनाथ से भी कैबिनेट बैठक के बाद कई मंत्रियों ने अलग से मुलाकात की।
हर खेमा चाहता है गृह-परिवहन, नगरीय प्रशासन विभाग
सूत्रों के अनुसार दिग्विजय अपने पुत्र जयवर्द्धन सिंह को स्थापित करने के लिए अच्छा विभाग दिलाने के प्रयास में हैं तो जीतू पटवारी जनसंपर्क मंत्री बनना चाहते हैं। डॉ. गोविंद सिंह कृषि और सहकारिता विभाग के लिए कोशिश कर रहे हैं। वहीं, गोविंद सिंह राजपूत या तुलसी सिलावट को सिंधिया खेमा गृह व परिवहन दिलाना चाह रहा है। इमरती देवी भी महिला बाल विकास या फिर पर्यटन विभाग मिलने की चाह रखे हैं।
प्रद्युम्न सिंह तोमर को नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग दिलाने का जोर लगाया जा रहा है। जबकि एक खेमा नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग सज्जन सिंह वर्मा को देने के लिए लगा है। वहीं दिग्विजय सिंह इस विभाग को अपने समर्थक को दिलाने के लिए प्रयासरत हैं। निर्दलीय विधायक प्रदीप जायसवाल लोक निर्माण विभाग लेने के लिए कमलनाथ से बात कर चुके हैं।
बिना विभाग के क्षेत्र में रवाना
मंत्री पद की शपथ लेने के 48 घंटे बाद भी विभाग नहीं मिलने पर कुछ मंत्री बिना विभाग के ही अपने क्षेत्र के लिए रवाना हो गए। पृथ्वीपुर के बृजेंद्र सिंह राठौड़ शाम को रेल से झांसी के लिए रवाना हो गए और वे वहां से अपने विधानसभा क्षेत्र जाएंगे। इसी तरह लहार के विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. गोविंद सिंह भी गुरुवार की शाम को क्षेत्र के लिए रवाना हो गए।

