TIO कराकस, वेनेजुएला

दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला में 25 जून को आए दो भूकंप के बाद स्थानीय समयानुसार शुक्रवार दोपहर को एक और भूकंप आया। देश के उत्तरी तट के पास आए इस भूकंप की तीव्रता 4.9 मापी गई है। रॉयटर्स के मुताबिक, राजधानी कराकास और माराके में भी झटके महसूस किए गए।
इधर, पिछले भूकंप के तीन दिन बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर 920 हो गई है। 3360 से ज्यादा घायल हैं, जबकि 51,700 से ज्यादा लोग लापता हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि अब तक 243 लोगों को जिंदा बचाया गया है। मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है।
कई इलाकों में राहत टीमों की कमी के कारण लोग परिजन को ढूंढ़ने के लिए खुद मलबा हटा रहे हैं। कई परिवार हथौड़ों और दूसरे औजारों से इमारतों का मलबा हटाकर अपने परिजन की तलाश कर रहे हैं।
भूकंप से जुड़ी 5 तस्वीरें…





राष्ट्रपति रोड्रिगेज बोली- भूकंप के बाद ट्रम्प ने मदद का भरोसा दिया
वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने बताया कि उन्हें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और विदेश मंत्री मार्को रुबियो का फोन आया था। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं ने इस मुश्किल समय में वेनेजुएला के लिए अमेरिकी सरकार के समर्थन को दोहराया है।
रोड्रिगेज ने टेलीग्राम पर लिखा कि ट्रम्प और रुबियो ने बचाव कार्यों में मदद जारी रखने का भरोसा दिया। इसके तहत बचावकर्मियों की तैनाती, विशेष उपकरण, अस्थायी आश्रय स्थलों के लिए सहायता और प्रभावित परिवारों के लिए मानवीय मदद भेजने की बात कही गई है।
उन्होंने कहा कि वे इस दोस्ती और सहयोग के भाव की गहराई से सराहना करती हैं।
रेस्क्यू कमेटी बोली- वेनेजुएला में राहत अभियान महीनों चलेगा
इंटरनेशनल रेस्क्यू कमेटी (IRC) की कार्यक्रम चीफ एलिनोर रेक्स ने कही कि वेनेजुएला में राहत और पुनर्वास का काम हफ्तों नहीं, बल्कि कई महीनों तक चल सकता है।
रॉयटर्स से बातचीत में उन्होंने बताया कि भूकंप से देश को भारी नुकसान पहुंचा है। ऐसे में उनकी संस्था सार्वजनिक सेवाओं को फिर से मजबूत करने और प्रभावित लोगों तक जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने के तरीकों पर काम कर रही है।
मलबे में फंसी 15 साल की लड़की जिंदा मिली
वेनेजुएला के ला गुआइरा राज्य में ढही इमारत के नौवें फ्लोर पर फंसी 15 साल की एक लड़की को बचाव दल ने जिंदा खोज लिया है। यह जानकारी अल साल्वाडोर के अधिकारियों ने दी है।
अल साल्वाडोर के राष्ट्रपति नायिब बुकेले ने एक्स पर बताया कि कैमिला सोफिया मेडिना रिवास नाम की यह लड़की अपने पालतू जानवर के साथ मलबे में फंसी हुई थी।
बुकेले के मुताबिक, बचाव दल को लड़की तक पहुंचने के लिए अभी कई दीवारें तोड़नी होंगी। इसके लिए उनके पास जरूरी मशीनें और संसाधन मौजूद हैं।
वेनेजुएला के लिए भारत ने चलाया ऑपरेशन ‘अमिस्ताद’

भारत ने शुक्रवार को वेनेजुएला की मदद के लिए ‘ऑपरेशन अमिस्ताद’ शुरू किया है। ‘अमिस्ताद’ एक स्पेनिश शब्द है जिसका मतलब ‘दोस्ती’ होता है। वेनेजुएला की आधिकारिक भाषा स्पेनिश ही है। इस ऑपरेशन का मकसद भूकंप प्रभावित इलाकों में जल्द से जल्द मदद पहुंचाना और घायलों का इलाज कराना है।
भारतीय वायुसेना के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमानों के जरिए करीब 35 टन राहत सामग्री भेजी गई है। इसमें जरूरी दवाइयां, मेडिकल इक्विपमेंट और राहत सामग्री शामिल हैं, जिनसे कम समय में अस्थायी इलाज सुविधाएं तैयार की जा सकती हैं।
भारत ने 60 पैरा फील्ड हॉस्पिटल यूनिट की 41 सदस्यीय मेडिकल टीम भी वेनेजुएला भेजी है। इसमें डॉक्टर, नर्स और मेडिकल एक्सपर्ट शामिल हैं। यह टीम वहां घायलों का इलाज करेगी और जरूरत पड़ने पर अस्थायी अस्पताल भी बनाएगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को तुरंत इलाज मिल सके।
शिविरों में राहत का काम तेज, कई जरूरत की चीजे मुहैया कराई गई
रॉयटर्स के मुताबिक, शिविरों में रह रहे लोगों के लिए राहत का काम तेजी से किया जा रहा है। साथ ही, कई जरूरत की चीजे भी मुहैया कराई गई हैं।
एक विस्थापित निवासी ने बताया कि शिविरों में लोग ठंड जरूर महसूस कर रहे हैं, लेकिन खाने की कोई कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राहत काम के लिए वे बेहद आभारी हैं और उन्हें अच्छी तरह संभाला जा रहा है।
स्वयंसेवक जूली गार्सिया ने बताया कि अभी शिविरों में सफाई के सामान, वेट वाइप्स, डायपर, मैट और रात में सोने के लिए चादरों की सख्त जरूरत है। यह राहत काम लंबा चलेगा और यह तो सिर्फ शुरुआत है।
भूकंप से कई परिवार प्रभावित
वेनेजुएला में आए भूकंप के बाद कई परिवारों को अपना घर छोड़कर राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है। एक विस्थापित मां लूज मरीना मार्कानो ने बताया कि जब उनका परिवार घर से भाग रहा था तो बच्चे डर से कह रहे थे कि “मम्मी, हमें यहां से निकालो, हम यहां मरना नहीं चाहते।”
उन्होंने रॉयटर्स को बताया कि वह अपना घर अकेला नहीं छोड़ना चाहती थीं। उनके साथी, जो एक सरकारी कर्मचारी हैं, ने उन्हें सलाह दी कि बच्चों के साथ शिविर में रहना ज्यादा सुरक्षित रहेगा।
कराकास के अली प्रिमेरा पार्क में बने राहत शिविरों में लोगों को कपड़े, जूते और चादरें जैसी जरूरी चीजों के पैकेट दिए जा रहे हैं।
भूकंप के बाद कराकास के अस्पताल में मरीजों की भीड़ बढ़ी
भूकंप के बाद राजधानी कराकास के पूर्वी हिस्से में स्थित डोमिंगो लुसियानी अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ देखी गई है। CNN के मुताबिक शनिवार को यहां लगातार घायल लोगों को लाया जा रहा था।
अस्पताल के कॉरिडोर और वार्डों में दान की गई राहत सामग्री भी देखी गई। इनमें पानी की बोतलें, खाना, कपड़े और कंबल जैसी जरूरी चीजें शामिल थीं। भूकंप पीड़ितों की मदद के लिए स्थानीय लोग लगातार आगे आ रहे हैं।
अस्पताल के अंदर मेडिकल स्टाफ लगातार घायलों का इलाज कर रहा है। वहीं, कई कर्मचारी भूकंप से हुए नुकसान की मरम्मत में जुटे हुए है।
भूकंप के मलबे में परिवार की तलाश में जुटा शख्स

वेनेजुएला के ला गुआइरा में एक व्यक्ति सिमोन मेडिना अपने परिवार के सदस्यों को ढूंढने के लिए भूकंप के मलबे में खुदाई कर रहा है। उसके पास सिर्फ दस्ताने, फावड़ा और एक पिकैक्स है।
रॉयटर्स से बातचीत में उसने बताया कि वह अपनी मां और भाई को ढूंढने की कोशिश कर रहा है, जो उसके मुताबिक भूकंप के समय एक अपार्टमेंट बिल्डिंग में मौजूद थे।
मेडिना ने कहा कि वह मलबे में हर चीज को खंगाल रहा है, ताकि कम से कम कोई सुराग मिल सके। अगर सिर्फ उनके सामान या कागज भी मिल जाएं तो वह भी उसके लिए राहत की बात होगी।


