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शशी कुमार केसवानी
फेस ऐप लोगों को बूढ़ा बना रहा हैं. आजकल सभी लोगों को बूढ़ा बनने की ख़्वाहिश चढ़ी हुई है. सब लोगों में खुद को बुढ़े अवतार में देखने की होड़ सी लगी हुई है और इस रेस की वजह से फेस ऐप को हर कोई इनस्टॉल करना चाहता है. हॉलीवुड स्टार से लेकर बॉलीवुड स्टार सभी अपने आप को बूढ़ा देखने का शोक रख रहे हैं. इस ऐप को लेकर कुछ सवाल और चिंताएं भी सामने आ रही हैं. आज हम फेस ऐप का असर, क्रेज और साइबर सिक्योरिटी को लेकर खड़े हुए सवाल के बारे में बताएंगे.

आपका चेहरा 99 साल तक कंपनी के पास गिरवी रहेगा वो जब जैसे कहे उसका इस्तमाल कर सकती है इसलिए कोई भी आप का इस्तेमाल करने से पहले उसकी टर्म्स एंड कंडीशंस बहुत ही ध्यान से पढ़ें और आने वाले नतीजों के लिए सतर्क रहें। सोशल मीडिया हमेशा से जनरल इनफार्मेशन शेयर करने के लिए और लोगों को जानने के लिए है. लेकिन लोग न समझी में अपनी अच्छी बुरी व्यक्तिगत सभी चीज़ें सोशल मीडिया पर धड़ल्ले से शेयर करते हैं. जिसके नतीजे खतरनाक होते हैं सावधान रहें सजक रहें। निचे दी गयी जानकारी ध्यान से पढ़ें

FaceApp: सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई ये ऐप एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर पर हफ्ते भर में ही पहले नंबर पर पहुंच गई है. लोग ‘फेस ऐप’ का इस्तेमाल करके अपने बुढ़ापे की फोटो पोस्ट कर रहे हैं. 2017 में लॉन्च हुई इस रशियन ऐप को लेकर प्राइवेसी से जुड़े कई सवाल उठाए जा रहे हैं. ये ऐप लोगों को बूढ़ा दिखाने के लिए न्युरल नेटवर्क का इस्तेमाल करती है, जो एक तरह का आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) है.
इस ऐप को 10 करोड़ से ज्यादा बार गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किया जा चुका है और खबर है कि FaceApp के सर्वर पर अब तक 15 करोड़ लोगों की तस्वीरें जमा हो चुकी हैं. अब सवाल ये उठता है कि फेसऐप हमारी फोटोज़ का क्या करेगा.
फेसऐप की टर्म्स एंड कंडिशंस में पर्पिचुअल, इररिवोकेबल, रॉयलटी फ्री और वर्ल्डवाइड जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है. इसका मतलब यह है कि अगर आप एक बार अपनी तस्वीर एडिट करने के लिए इस ऐप का इस्तेमाल करते हैं, तो कंपनी इस तस्वीर का दुनिया में कहीं भी अपने प्रमोशन के लिए इस्तेमाल कर सकती है. ऐप में यूज़र्स का फोटो एल्बम भी सिंक हो जाता है.
अब अपडेटेड वर्जन में फेसएप पहले ही बता रहा है कि वह आपकी अपलोड की हुई फोटो और चेंज हुई फोटो को अपने सर्वर पर स्टोर कर लेगा. हालांकि फेसऐप के सीईओ का दावा है कि कोई भी फोटो 48 घंटे से ज्यादा सर्वर पर नहीं रखी जाएगी. PhoneArena पर भी एक लेख छपा है, जिसमें कहा गया है कि ऐप आपके एडिटेड फोटोज मॉस्को में billboard (प्रचार) पर भी यूज कर सकती है और आप इसे लेकर कुछ भी नहीं कर सकते, क्योंकि ऐप के टर्म्स एंड कंडिशंस ही कछ ऐसे हैं.
FaceApp की प्राइवेसी पॉलिसी में बताया गया है कि वह आपकी दी गई जानकारियों को किसी भी दूसरे देश के साथ शेयर कर सकता है. साथ ही यह भी कहा गया है कि फेसएप जानकारी की सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित नहीं कर सकता है. अगर आप फेसबुक के जरिए फेसऐप को लॉगइन करते हैं तो फेसऐप आपका ईमेल और कॉन्टेक्ट्स हासिल कर लेता है. इसके अलावा फेस ऐप से आपके फोन (मॉडल, आईएमईआई नंबर), लोकेशन जैसी जानकारियां भी थर्ड पार्टी से शेयर करने का खतरा है.
सिक्योरिटी को लेकर फोर्सपॉइंट के सिक्योरिटी स्ट्रटेजिस्ट Alvin Rodrigues का कहना है कि आपका चेहरा आपका पर्सनल कॉपीराइट है. तो अगर आप फेस ऐप जैसी ऐप का इस्तेमाल कर रहे हैं तो आप उसे अपनी डिवाइस, फाइल्स लॉगइन करने की अनुमति दे रहे हैं. जैसे कि बहुत सारी मोबाइल कंपनियां फोन लॉक/अनलॉक करने के लिए फेशियल रिकग्निशन(Facial Recognition) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती हैं. उन्होंने कहा कि फेशियल पासवर्ड, आपका चेहरा ऐसी चीज़ें हैं जो कभी बदल नहीं सकती. ये पर्सनल है और पर्मानेंट भी. उनका कहना है कि क्लाउड पर अपलोड की जा रही फोटोज़ का हैक होने का खतरा बहुत ज़्यादा है

FaceApp का सर्विस पॉलिसी में कहा गया है कि यूज़र्स उन्हें अपनी फोटोज़ का वर्ल्डवाइड लाइसेंस मुफ्त में दे रहे हैं. अगर पूरा फेसएप या इसका एक हिस्सा बेच दिया जाता है, तो आपकी जानकारियां और तस्वीरें खरीददार के पास जा सकती हैं. इसके अलावा एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है कि अगर आप अपना अकाउंट डिलीट भी कर देते हैं तब भी फेसएप को आपकी जानकारी अपने पास स्टोर रखने का अधिकार है.

