इमरान खान का डैमेज कंट्रोल, कहा- करतारपुर कॉरिडोर की पहल गुगली नहीं

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इस्लामाबाद। करतारपुर कॉरिडोर पर पाकिस्तान के विदेश मंत्री द्वारा ‘गुगली’ बयान दिए जाने पर अब खुद प्रधानमंत्री इमरान खान ने डैमेज कंट्रोल की कोशिश की है। उन्होंने सोमवार को कहा कि करतारपुर कॉरिडोर ओपनिंग कोई गुगली नहीं बल्कि एक स्पष्ट फैसला था। आपको बता दें कि करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में दो भारतीय मंत्रियों के शामिल होने के बाद पाक के विदेश मंत्री ने कहा था कि यह तो इमरान खान की गुगली थी। इसके बाद भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।
Imran Khan’s Damage Control, said – Kartarpur Corridor’s initiative is not a googly
28 नवंबर को पाकिस्तान में हुए इस कार्यक्रम में भारत के दो केंद्रीय मंत्रियों हरसिमरत कौर बादल, हरदीप सिंह पुरी के साथ कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्दू ने भी हिस्सा लिया था। कुरैशी ने बृहस्पतिवार को कहा कि ऐतिहासिक करतारपुर गलियारे के शिलान्यास कार्यक्रम में भारत सरकार की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए प्रधानमंत्री इमरान खान ने एक गुगली फेंकी। कुरैशी ने कहा कि यह वही भारत सरकार थी जिसने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ बातचीत में शामिल नहीं होगी लेकिन उसने दो मंत्रियों को शिलान्यास कार्यक्रम में भेजा।

अब इमरान बोले, कोई डबल गेम नहीं
कुरैशी के विवादास्पद बयान पर भारत की ओर से तीखी प्रतिक्रिया दी गई। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि उनके (पाक विदेश मंत्री) बयान ने असलियत को उजागर कर दिया कि पाकिस्तान के लिए सिखों की भावनाओं का कोई सम्मान नहीं है। सोमवार को कुरैशी और सुषमा के बीच हुई जुबानी जंग के बारे में पूछे जाने पर पाक पीएम ने कहा कि इस्लामाबाद सच्ची नीयत से नई दिल्ली के साथ शांतिपूर्ण संबंध स्थापित करना चाहता है। खान ने जियो न्यूज से कहा, ‘करतारपुर कॉरिडोर ओपनिंग कोई गुगली या डबल गेम नहीं बल्कि एक स्पष्ट फैसला था।’

सुषमा ने किया था पलटवार
शनिवार को पाक के विदेश मंत्री को आड़े हाथों लेते हुए सुषमा स्वराज ने ट्वीट किया, ‘पाकिस्तान के श्रीमान विदेश मंत्री आपकी गुगली वाली बात से कोई और नहीं बल्कि आप ही उजागर हो गए हैं। यह बताता है कि सिख भावनाओं के प्रति आपके मन में कोई सम्मान नहीं है, आप केवल गुगली खेलते हैं।’ एक के बाद एक ट्वीट में विदेश मंत्री ने लिखा, ‘मैं यह साफ कर देना चाहती हूं कि हम आपकी गुगली में नहीं फंसे। हमारे दो सिख मंत्री पवित्र गुरुद्वारे में करतार साहिब से प्रार्थना करने गए थे।’