TIO नई दिल्ली
सदन में सभी दलों से चर्चा में सहयोग की अपील की।
विधेयक में 2024 में बने कानून में बदलाव का प्रस्ताव है। केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा इससे पेपर लीक रोकने में मदद मिलेगी।
उधर, कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने कहा, ‘ये सरकार शिक्षा को लेकर गंभीर नहीं है। सुधार नहीं लाना चाहती है। ये बिल सिर्फ दिखावे का बिल है।
दोपहर का सत्र शुरू होने पर स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि मैंने चर्चा के लिए 6 घंटे का समय तय किया है। सत्ता पक्ष और विपक्ष चाहें तो समय बढ़ा सकते हैं।
इस पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार ने सभी दलों से बात की है। अब 8 घंटे चर्चा होगी। जरूरत होगी तो हम 10 घंटे भी चर्चा को तैयार हैं।
गोगोई ने कहा- RSS के लिए शिक्षा विभाग अहम
गौरव गोगोई ने कहा- ‘आप सुधार नहीं चाहते, क्योंकि RSS के लिए शिक्षा विभाग अहम है। आप चाहते हैं कि शिक्षा के माध्यम से इस पीढ़ी के लोग आपके संगठन के सदस्य बने।
डीयू, IIT, जेएनयू ने अपने स्टूडेंट्स ने कहा कि प्रदर्शन में मता जाओ। क्या ऐसे हम आने वाले भारत का निर्माण करेंगे।
गौरव ने कहा, ‘राहुल गांधी ने बार-बार कहा कि प्रधान सिर्फ एक मुखौटा हैं। उनके हटने से भी शिक्षा में सुधार आएगा, इसका विश्वास न हमें है, न बच्चों को। बच्चे क्या करें। उनके पास पैसे नहीं है कि 30-30 लाख में पैसे खरीद सकें। वे नाराज हैं। जब वे लड़ नहीं पाते तो आत्महत्या कर लेतें हैं।’
कांग्रेस ने पूछा- NTA के डीजी को बदला और चेयरमैन को क्यों नहीं
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा- ‘पहली कैबिनेट बैठक में शिक्षा को कैसे सुधारा जाए, पेपर माफिया को कैसे खत्म किया जाए, प्रिंटिंग सेंटर, कोचिंग सेंटर के माफिया खत्म कैसे हो, इन पर चर्चा के बजाए मोदी कहते हैं इंस्टाग्राम पर और ध्यान दो। उन्होंने कहा कि पीएम हाई वापर कमेटी की बात करते हैं, दो साल पहले के राधाकृष्ण की जो कमेटी थी उसका क्या हुआ। हम जानना चाहते हैं आपने एनटीए के डीजी को बदला और चेयरमैन को क्यों नहीं बदला।


