परीक्षा संशोधन बिल पर चर्चा शुरू नहीं, विपक्ष का हंगामा:छात्रों की पिटाई मामले पर बहस के लिए अड़ा; स्पीकर ने कहा- सभी पक्ष सहमति बनाएं

0
53

TIO नई दिल्ली

  • केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को सदन में लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया। - Dainik Bhaskar
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोमवार को सदन में लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया।

विपक्ष के हंगामे की वजह से लोकसभा में परीक्षा संशोधन बिल पर दोपहर 2 बजे चर्चा शुरू नहीं हो पाई। कार्यवाही जैसे ही शुरू हुई, विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए। छात्रों की पिटाई मामले पर बहस की मांग करने लगे।

स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि आप चर्चा नहीं चाहते। इसके बाद 5 मिनट तक हंगामा होता रहा। स्पीकर ने कहा कि मैं शाम 5 बजे तक का समय देता हूं। सरकार और विपक्षी सांसद सहमति बनाकर आएं।

इससे पहले लोकसभा 12 बजे, 2 बजे फिर शाम 5 बजे तक स्थगित कर दी गई थी। ऐसा ही हाल राज्यसभा का रहा। सदन को 2 बार स्थगित किया गया।

सुबह दोपहर 11 बजे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सदन में पेपर लीक से जुड़ा लोक परीक्षा संशोधन बिल पेश किया था।

सांसदों ने ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे भी लगाए। प्रधान ने NEET पेपर लीक विवाद के बीच 25 जुलाई को इस्तीफा दिया था।

संसद के बाहर प्रदर्शन की फोटो…

विपक्ष के सांसदों ने सोमवार सुबह मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
विपक्ष के सांसदों ने सोमवार सुबह मकर द्वार पर प्रदर्शन किया।
NDA सांसदों ने संसद के बाहर धर्मेंद्र प्रधान को रिसीव किया और उन्हें सम्मानित किया।
NDA सांसदों ने संसद के बाहर धर्मेंद्र प्रधान को रिसीव किया और उन्हें सम्मानित किया।

2024 में बने कानून में बदलाव होंगे, सजा-जुर्माना दोनों बढ़ेंगे

  • केंद्र सरकार 2024 में बने कानून में बदलाव के लिए संशोधन बिल लेकर आई है।
  • इसमें पेपर लीक के आरोपियों के लिए और कड़ी सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
  • राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का अधिकार मिलेगा, जहां मामलों की रोजाना सुनवाई होगी।
  • यह कानून केंद्र सरकार और उसकी एजेंसियों द्वारा आयोजित सार्वजनिक परीक्षाओं पर लागू होगा।
  • इनमें UPSC, SSC, रेलवे भर्ती, बैंकिंग भर्ती परीक्षाएं, NTA और अन्य केंद्रीय भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाएं शामिल हैं।

सरकार ने यह संशोधन NEET पेपर लीक विवाद और देशभर में हुए छात्र आंदोलनों के बाद लाया है। पीएम मोदी ने 23 जुलाई को कानून को और सख्त बनाने का ऐलान किया था। बाद में इंफोसिस को-फाउंडर नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में परीक्षा सुधार के लिए हाई-पावर्ड टास्क फोर्स बनाने की भी घोषणा की गई।